मानसून बना सकता है शर्मिंदगी की वजह! प्राइवेट पार्ट्स में बढ़ रहे हैं इंफेक्शन, जानिए कैसे बचें

गर्मियों के बाद राहत लाता है मानसून, लेकिन साथ लाता है त्वचा और प्राइवेट पार्ट्स से जुड़े खतरनाक संक्रमण। डॉक्टरों ने बताए जरूरी बचाव के उपाय।

Savitri Mehta
Monsoon Private Parts Infection Prevention Tips
Monsoon Private Parts Infection Prevention Tips (Source: BBN24/Google/Social Media)

मानसून आते ही वातावरण में नमी और उमस का स्तर तेजी से बढ़ जाता है, जो हमारे शरीर—खासतौर पर प्राइवेट पार्ट्स—को इंफेक्शन के खतरे में डाल देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में सबसे ज्यादा मामले UTI (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) और RTI (रिप्रोडक्टिव ट्रैक्ट इंफेक्शन) के देखने को मिलते हैं, जो पुरुष और महिलाएं दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।

संक्रमण का मुख्य कारण: नमी, पसीना और गंदगी

  • हवा में ज्यादा नमी: स्किन देर तक गीली रहने से फंगल इंफेक्शन तेजी से पनपता है।
  • पसीना: खासकर प्राइवेट एरिया, अंडरआर्म्स और जांघों के बीच की त्वचा अधिक संवेदनशील होती है।
  • टाइट कपड़े और सिंथेटिक फैब्रिक: स्किन को सांस नहीं लेने देते, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
  • साफ-सफाई की कमी: मानसून में बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं, जिससे संक्रमण फैलता है।

संक्रमण के लक्षण क्या हैं?

  • लगातार खुजली या जलन
  • त्वचा पर लालिमा, सूजन या फोड़े
  • असामान्य डिस्चार्ज या दुर्गंध
  • त्वचा फटने या छाले पड़ने जैसी स्थिति

Note: अगर ये लक्षण 2–3 दिन से ज्यादा टिकते हैं, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।

बचाव के आसान लेकिन असरदार उपाय

1. त्वचा को सूखा और साफ रखें

  • रोज़ नहाएं और नमी वाले हिस्सों को अच्छी तरह सुखाएं।
  • नहाने के बाद हल्का एंटी-फंगल पाउडर लगाएं।

2. सही कपड़ों का चुनाव करें

  • सिंथेटिक कपड़ों की बजाय कॉटन पहनें।
  • टाइट अंडरगारमेंट्स की बजाय ढीले कपड़े पहनना बेहतर है।

3. गीले कपड़े तुरंत बदलें

  • बारिश में भीगने के बाद तुरंत कपड़े और मोजे बदलें।
  • गीले कपड़े फंगस का न्यौता हैं।

4. एंटी-फंगल ट्रीटमेंट अपनाएं

  • ज्यादा पसीना निकलने पर डॉक्टर से सलाह लेकर एंटी-फंगल क्रीम या पाउडर का इस्तेमाल करें।

5. व्यक्तिगत वस्तुओं की साफ-सफाई रखें

  • तौलिया, अंडरवियर, जिम मैट आदि किसी से साझा न करें।
  • इन्हें धूप में सुखाएं और रोज़ बदलें।

संक्रमण हो जाए तो क्या करें?

  • बिना डॉक्टर की सलाह के कोई क्रीम न लगाएं।
  • स्टेरॉयड युक्त क्रीम से अस्थायी राहत तो मिल सकती है, लेकिन जड़ से इलाज नहीं होता।
  • स्किन स्पेशलिस्ट से संपर्क कर पूरा कोर्स लें।
  • इलाज के दौरान टाइट कपड़े, साबुन और स्क्रबिंग से बचें।

निष्कर्ष:
मानसून का मौसम खुशनुमा तो होता है, लेकिन लापरवाही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। अगर आप कुछ आसान नियम अपनाएं, तो प्राइवेट पार्ट्स से जुड़े इंफेक्शन से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। सेहत से जुड़ा हर छोटा संकेत नजरअंदाज न करें, क्योंकि सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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