बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) को करारा झटका दिया है। शुरुआती रुझानों के मुताबिक, एनडीए 200 से भी अधिक सीटों पर आगे है।महागठबंधन के मुख्य चेहरों में से तेजस्वी यादव, जो राघोपुर सीट पर मुकाबले में पीछे चल रहे हैं, को इस चुनाव में बेहद बुरी हार का सामना करना पड़ सकता है।
यह जीत राजनीतिक विश्लेषकों के लिए 2010 के विधानसभा चुनाव की याद दिला रही है, जब नीतीश कुमार की JDU और भाजपा की बीजेपी मिलकर 206 सीटें जीतकर रिकॉर्ड बनाए थे। यह इस बात का संकेत है कि एनडीए ने फिर से उस अध्याय को दोहराया है, और विपक्षी महागठबंधन को पुनर्गठन की कमी झेलनी पड़ी है।
रणनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो, एनडीए की इस जीत में प्रमुख कारणों में PM मोदी-नीतीश कुमार की साझेदारी, महिलाओं को दिए जाने वाले कैश हस्तांतरण कार्यक्रम और ट्रांसपेरेंट वेलफेयर स्कीमें शामिल हैं। इसके अलावा, कई मुस्लिम-बहुल सीटों पर एनडीए की पकड़ मजबूत दिख रही है, जो महागठबंधन के लिए बड़ा झटका है।



