दरभंगा से दिल्ली तक बनाई करोड़ों की संपत्ति! पूर्व AIG Ajay Krishna Mishra की 2.81 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त

पूर्व AIG Ajay Krishna Mishra की मुश्किलें बढ़ीं, निगरानी कोर्ट ने 11 साल पुराने केस में सुनाया फैसला, देशभर में फैली प्रॉपर्टी होगी जब्त

Fevicon Bbn24
Ajay Krishna Mishra Property Seizure Bihar
Ajay Krishna Mishra Property Seizure Bihar (Source: BBN24/Google/Social Media)
मुख्य बातें (Highlights)
  • AIG Ajay Krishna Mishra की 2.81 करोड़ की अवैध संपत्ति होगी जब्त
  • दिल्ली, मुंबई, पटना, गाजियाबाद में खरीदी थी जमीन और फ्लैट
  • निगरानी कोर्ट ने एक महीने में संपत्ति सरकार को सौंपने का दिया आदेश

बिहार के पूर्व उत्पाद एवं निबंधन विभाग के असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल (AIG) Ajay Krishna Mishra पर आखिरकार शिकंजा कस ही गया। निगरानी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ब्रजेश कुमार पाठक ने आदेश जारी कर 2.81 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त करने का निर्देश दिया है। यह संपत्ति मिश्रा, उनकी पत्नी Meena Mishra और बच्चों के नाम पर थी। जांच में पाया गया कि इन संपत्तियों को आय से अधिक संपत्ति के तहत गलत तरीके से अर्जित किया गया।

दरभंगा से दिल्ली, मुंबई से बेंगलुरु तक फैली है संपत्ति

Ajay Krishna Mishra ने अपने कार्यकाल के दौरान दरभंगा, पटना, दिल्ली, मुंबई, गाजियाबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में संपत्तियां खरीदीं। इनमें फ्लैट, दुकानें, जमीन और बिल्डिंग शामिल हैं। विशेष लोक अभियोजक राजेश कुमार ने बताया कि उन्होंने गाजियाबाद में फ्लैट, दरभंगा में दो कट्ठा जमीन, पटना जंक्शन के पास गोरियाटोली में दुकान और आर्य समाज रोड स्थित अपार्टमेंट में फ्लैट खरीदे थे।

कोर्ट ने एक महीने में संपत्ति सौंपने का आदेश दिया

कोर्ट ने आदेश दिया है कि मिश्रा सहित सभी प्रतिवादी एक माह के भीतर अपनी अवैध संपत्तियों को सरकार के पक्ष में संबंधित डीएम को सौंप दें। मिश्रा के पास बेंगलुरु, सगुना मोड़, नयाटोला, गर्दनीबाग और मुंबई में भी फ्लैट और जमीन हैं जिन्हें जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

11 साल पुराना है मामला, 2014 में हुआ था दर्ज

गौरतलब है कि यह मामला 27 अगस्त 2014 को स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) द्वारा दर्ज किया गया था। लंबी जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद अब कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है। मिश्रा के पास बैंक एफडी, डाकघर में जमा, और अन्य चल-अचल संपत्तियों की भी जांच हुई, जो उनकी वैध आय से कहीं ज्यादा पाई गईं।

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