Mahua Moitra Bengali Controversy: पश्चिम बंगाल में उन लोगों को रहने का कोई अधिकार नहीं है, जो तृणमूल कांग्रेस के साथ नहीं हैं. वे बंगाली भी नहीं हैं, जो टीएमसी का साथ नहीं देते. यह कहना है ममता बनर्जी की फायरब्रांड नेता महुआ मोईत्रा का. कृष्णनगर की पूर्व लोकसभा सांसद महुआ मोईत्रा ने कोलकाता के मेट्रो चैनल में बने ममता बनर्जी के मंच से ये बातें कहीं हैं. ममता बनर्जी की उपस्थिति में कहीं हैं.
SIR के विरोध में धरना दे रहीं हैं ममता बनर्जी
वेस्ट बंगाल की चीफ मिनिस्टर और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे जाने और 60 लाख से अधिक लोगों को विचाराधीन की श्रेणी में रखने के खिलाफ 6 मार्च से धरना पर बैठी हैं. ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के नेता-कार्यकर्ता लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग करते हुए धरना दे रहे हैं.
महुआ मोईत्रा के बयान पर भाजपा ने बोला हमला
ममता बनर्जी के इसी मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद ने ये बयान दिया है. उनके बयान को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए इसकी आलोचना की और महुआ मोईत्रा के बयान पर हमला भी बोला है.
टीएमसी को सपोर्ट नहीं करेंगे, तो बंगाली नहीं रहेंगे?
भाजपा ने कहा है कि महुआ मोईत्रा कह रहीं हैं कि अगर आप ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को सपोर्ट नहीं करते, तो क्या आप ‘बंगाली नहीं’ रह जाते? क्या आप बंगाल में रहने का अधिकार खो देंगे? ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के सामने दिया गया यह बयान, तृणमूल कांग्रेस के अहंकारी चरित्र को उजागर करता है.
2024 में 55 प्रतिशत लोगों ने नहीं दिया तृणमूल को वोट
भाजपा ने पूछा है कि इस लिहाज से पश्चिम बंगाल के जिन 55 प्रतिशत लोगों ने तृणमूल कांग्रेस को वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में वोट नहीं दिये, वे सभी बंगाली नहीं हैं! यह पाखंड चौंकाने वाला है. भाजपा ने आगे कहा है कि टीएमसी ने शत्रुघ्न सिन्हा, कीर्ति आजाद और यूसुफ पठान को पश्चिम बंगाल से लोकसभा का सांसद बनाया है. इनमें से कोई भी बंगाली नहीं है. यहां तक कि आपकी पार्टी को चलाने वाला प्रतीक जैन भी बाहरी है. अभी-अभी आपने राजीव कुमार और मेनका गुरुस्वामी को राज्यसभा के लिए नामित किया है. ये दोनों भी तो बंगाली नहीं हैं.
If you don’t support @AITCofficial, does that make you “not Bengali”? Do you then lose the right to live in West Bengal?
In the presence of @MamataOfficial and @abhishekaitc, such arrogance exposes the true face of TMC’s politics of exclusion.
By that logic, the 55% voters who… pic.twitter.com/CS8ZvJl2a1
— BJP West Bengal (@BJP4Bengal) March 8, 2026
तृणमूल ने बार-बार बंगाल के लोगों पर जनप्रतिनिधि थोपा
भाजपा ने कहा कि बार-बार आपने ऐसे लोगों पर ऐसे ‘जनप्रतिनिधि’ थोपे हैं, जो बंगाल की माटी के लाल नहीं हैं. वहीं, दूसरी तरफ, बंगाल का धन अभिषेक मनु सिंघवी और कपिल सिब्बल जैसे वकीलों की झोली में डाल देते हैं. इनमें से कोई बंगाली नहीं हैं.
Mahua Moitra Bengali Controversy: भाजपा ने उठाया दारीभीत का मुद्दा
पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार से पूछा है कि दारीभीत के बारे में आप क्या कहेंगे, जहां उर्दू शिक्षक की भर्ती का विरोध करने वाले विद्यार्थियों को पश्चिम बंगाल पुलिस ने बर्बरता से पीटा. जबरन उर्दू थोपे जाने का राजेश और तापस ने विरोध किया, तो उनकी हत्या कर दी गयी. क्या वे बंगाली नहीं थे?
महुआ मोईत्रा का बयान शर्मनाक – भाजपा
भाजपा यहीं नहीं रुकी. कहा कि आनंदपुर नरसंहार में जब बंगालियों की मृत्यु हुई, तो वेस्ट बंगाल की चीफ मिनिस्टर के पास पीड़ित परिवारों से मिलने का समय नहीं था. क्या वे बंगाली नहीं थे? भाजपा ने कहा कि पश्चिम बंगाल की पहचान तृणमूल कांग्रेस से नहीं है. पश्चिम बंगाल हर भारतीय बंगाली का है. बंगालियों को तृणमूल कांग्रेस के सर्टिफिकेट की कभी जरूरत नहीं थी, आगे भी नहीं होगी. पार्टी ने महुआ मोईत्रा के बयान को शर्मनाक बताया है.
महुआ के बयान से बढ़ सकता है राजनीतिक विवाद
पश्चिम बंगाल में चुनाव करीब है. इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया की टीम कोलकाता पहुंच रही है. विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए. इसके पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रोटोकॉल में चूक पर पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच टकराव जारी ही था कि तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रांड नेता महुआ मोईत्रा ने ऐसा बयान दे दिया है, जो नये राजनीतिक विवाद को जन्म दे सकता है.


