नेपाल सरकार के सोशल मीडिया बैन ने देशभर में हिंसक विरोध को जन्म दिया। काठमांडू और अन्य इलाकों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में कम से कम 19 लोगों की मौत हो चुकी है।
गृह मंत्री का इस्तीफा और कैबिनेट की आपात बैठक
विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई। बैठक के दौरान नेपाल के गृह मंत्री रमेश लेखक ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया।
भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट
न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) सतर्क है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
हिंसक झड़प और कर्फ्यू
प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन घेरकर बैरिकेड्स तोड़ दिए, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल करना पड़ा। पीएम ओली के गृह जिले दमक में उनके पैतृक घर पर पथराव हुआ। कई शहरों—काठमांडू, बुटवल, भैरहवा, इटाहारी और दमक में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।
‘हामी नेपाल’ का नेतृत्व
काठमांडू जिला प्रशासन के मुताबिक, यह प्रदर्शन संगठन ‘हामी नेपाल’ ने अनुमति लेकर किया था। संगठन के अध्यक्ष सुधन गुरुंग ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ सोशल मीडिया बैन के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और सरकारी नीतियों के विरोध में भी है।


