International Relations: रिपोर्ट में India समेत कई देशों पर कनाडा की आंतरिक राजनीति में हस्तक्षेप के आरोप भी लगाए गए हैं, जिससे भारत-कनाडा संबंधों को लेकर नई बहस छिड़ गई है.
खालिस्तानी गतिविधियों पर गंभीर चेतावनी
रिपोर्ट के अनुसार:
- कनाडा में सक्रिय खालिस्तानी तत्व अब भी उग्रवादी एजेंडा बढ़ा रहे हैं
- कुछ लोग फंड जुटाकर हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं
- यह गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई हैं
Air India हमले का जिक्र
रिपोर्ट में Air India Flight 182 bombing का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें 329 लोगों की मौत हुई थी.
इसे कनाडा के इतिहास का सबसे घातक आतंकी हमला बताया गया है, जिसका संबंध खालिस्तानी उग्रवाद से जोड़ा गया था.
भारत पर लगाए गए आरोप
CSIS रिपोर्ट में दावा किया गया कि:
- भारत ने कनाडा के राजनेताओं, पत्रकारों और इंडो-कनाडाई समुदाय के साथ संपर्क बनाए
- ‘ट्रांसनेशनल रिप्रेशन’ के तहत निगरानी और दबाव की रणनीतियों का इस्तेमाल किया गया
- उद्देश्य आलोचना को दबाना और प्रभाव बढ़ाना बताया गया
हालांकि, इन आरोपों को लेकर आधिकारिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं.
अन्य देशों पर भी आरोप
रिपोर्ट में China, Russia, Iran और Pakistan पर भी कनाडा में विदेशी हस्तक्षेप और जासूसी के आरोप लगाए गए हैं.
बदले हालात और नए बयान
कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney के कार्यकाल में हालात कुछ बदले नजर आए हैं.
कनाडाई अधिकारियों ने हाल ही में कहा कि फिलहाल कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है.
भारत-कनाडा संबंध पहले से तनावपूर्ण
भारत और कनाडा के रिश्ते पहले से ही संवेदनशील रहे हैं, खासकर Hardeep Singh Nijjar की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच विवाद बढ़ा था.
भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है.


