पटना: Samrat Choudhary ने बिहार विधानसभा में ध्वनि मत से विश्वास मत हासिल कर लिया है. संख्या बल पहले से ही सरकार के पक्ष में होने के कारण फ्लोर टेस्ट औपचारिकता बनकर रह गया. National Democratic Alliance (NDA) के पास कुल 201 विधायक हैं, जबकि बहुमत के लिए 122 का आंकड़ा जरूरी था, जिसे सरकार ने आसानी से पार कर लिया.
सीएम सम्राट बोले- 3C पर नहीं होगा समझौता
सदन में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में पिछले 20 वर्षों से NDA की सरकार है और इस दौरान महिलाओं, किसानों और सुशासन पर विशेष ध्यान दिया गया है. उन्होंने Nitish Kumar का जिक्र करते हुए कहा कि उनका विजन बिहार को समृद्ध बनाना है.
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट कहा कि उनकी सरकार ‘3C’—करप्शन, क्राइम और कम्युनिज्म—से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी.
तेजस्वी यादव को दिया करारा जवाब
नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav के बयान पर पलटवार करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा, “सत्ता किसी की बपौती नहीं होती. मैं यहां जनता और सभी के आशीर्वाद से बैठा हूं.”
उन्होंने आगे कहा कि Lalu Prasad Yadav के शासनकाल में उनके परिवार के 22 लोगों को जेल में डाला गया था. सम्राट ने यह भी दावा किया कि लालू यादव ने मिलर हाई स्कूल मैदान में अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी थी.
‘लोकतंत्र में कोई किसी की पाठशाला का नहीं’
सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में कोई किसी की “पाठशाला” का नहीं होता. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि लालू यादव को मुख्यमंत्री बनाने में भी नीतीश कुमार की भूमिका रही थी.
तेजस्वी यादव ने क्या कहा था?
इससे पहले तेजस्वी यादव ने सदन में तंज कसते हुए कहा था कि अगर भाजपा ने चुनाव के समय ही नेतृत्व स्पष्ट कर दिया होता, तो आज विश्वास मत की नौबत नहीं आती. उन्होंने यह भी कहा कि सम्राट चौधरी “लालू जी की पाठशाला” से आए हैं, जिस पर मुख्यमंत्री ने तीखा जवाब दिया.
बिहार विधानसभा में हुए इस विश्वास मत के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी और भी तेज हो गई है.


