बिहार की राजधानी Patna में शनिवार सुबह बड़ा एक्शन देखने को मिला, जब स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने नगर विकास विभाग के एक अधिकारी पर छापेमारी की।
यह कार्रवाई एग्जीक्यूटिव इंजीनियर Rajeev Kumar के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के आरोप में की गई है।
किन-किन ठिकानों पर पड़ी रेड?
SVU टीम ने एक साथ तीन जगहों पर छापेमारी की:
- रामनगरी (पटना) – सुमित चंद्रम गृह अपार्टमेंट, फ्लैट B-202
- पंत भवन (कार्यालय) – 6वीं मंजिल पर ऑफिस
- दानापुर (खगौल रोड) – वीनस लैंडमार्क गोल्ड अपार्टमेंट, फ्लैट 807
👉 इन सभी जगहों पर टीम दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े सबूत खंगाल रही है।
कितना है घोटाले का मामला?
- अधिकारी पर लगभग ₹1.10 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप
- केस दर्ज: PC Act 1988 (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम)
- कांड संख्या: 15/2026
👉 यह रकम शुरुआती जांच में सामने आई है, आगे और खुलासे संभव हैं।
फ्लैट में मिला नया ट्विस्ट
दानापुर वाले फ्लैट पर छापेमारी के दौरान:
- फ्लैट बंद मिला
- वहां एक सैन्य अधिकारी किराए पर रहते हैं
- SVU टीम अब यह जांच कर रही है:
- किरायेदारी कब से है
- किराया और एग्रीमेंट से जुड़े दस्तावेज
👉 इससे मामले में और नए एंगल सामने आ सकते हैं।
SVU की जांच किस दिशा में?
जांच एजेंसी फिलहाल इन बिंदुओं पर फोकस कर रही है:
- संपत्ति के स्रोत (Source of Income)
- बैंक रिकॉर्ड और निवेश
- बेनामी संपत्ति की संभावना
- किराये से होने वाली आय
👉 अगर दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलती है तो मामला और बड़ा हो सकता है।
क्या हो सकती है आगे की कार्रवाई?
अगर आरोप साबित होते हैं तो:
- गिरफ्तारी संभव
- संपत्ति जब्ती (Attachment)
- विभागीय कार्रवाई
👉 ऐसे मामलों में अक्सर चार्जशीट और कोर्ट ट्रायल तक मामला जाता है।
निष्कर्ष
Patna में हुई यह कार्रवाई दिखाती है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब निगरानी एजेंसियां लगातार सख्ती बरत रही हैं।
अब सबकी नजर इस पर है कि
👉 SVU की जांच में और कितनी संपत्ति सामने आती है और क्या यह मामला किसी बड़े नेटवर्क तक पहुंचता है।


