राजगीर के खचाखच भरे स्टेडियम में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारत ने रविवार को फाइनल में पांच बार की चैंपियन दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर आठ साल बाद एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही भारत ने अगले साल बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भी क्वालिफाई कर लिया।
भारत के गोल स्कोरर बने हीरो
फाइनल मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने आक्रामक खेल दिखाया।
- पहले ही मिनट में सुखजीत सिंह ने गोल कर टीम को बढ़त दिलाई।
- दिलप्रीत सिंह ने 28वें और 45वें मिनट में दो शानदार गोल दागे।
- 50वें मिनट में अमित रोहिदास ने चौथा गोल दागकर भारत की जीत पक्की कर दी।
कोरिया की ओर से एकमात्र गोल 51वें मिनट में डेन सोन ने किया।
टूर्नामेंट में भारत का दबदबा
भारत ने इस टूर्नामेंट में कुल 5 मैच जीते और 1 ड्रॉ खेला।
- पूल मैचों में भारत ने लगातार जीत दर्ज की।
- सुपर-4 चरण में मलेशिया को 4-1 और चीन को 7-0 से हराया।
- कोरिया के खिलाफ मैच 2-2 से ड्रॉ रहा।
यह भारत का चौथा एशिया कप खिताब है। इससे पहले भारत ने 2003, 2007 और 2017 में जीत दर्ज की थी। वहीं कोरिया अब भी 5 खिताब के साथ शीर्ष पर है।
रिकॉर्ड और वर्ल्ड कप की राह
- भारत 4 बार एशिया कप जीतकर पाकिस्तान (3) से आगे निकल गया है।
- 1975 में भारत ने कुआलालंपुर में अपना पहला और एकमात्र हॉकी विश्व कप जीता था।
- अगला वर्ल्ड कप 14 से 30 अगस्त 2026 के बीच बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में होगा।
भारत की यह जीत न सिर्फ एशिया कप ट्रॉफी की वापसी है, बल्कि हॉकी विश्व कप में नई उम्मीदों की दस्तक भी है।



