नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान (IPH) में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाले कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने 91 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (CHO) को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि आने वाले दो वर्षों में राज्य की स्वास्थ्य संरचना पूरी तरह बदल जाएगी।
मंत्री ने जानकारी दी कि 2100 बेड का सुपर स्पेशियलिटी किडनी अस्पताल झारखंड में बन रहा है, जिससे किडनी ट्रांसप्लांट और गंभीर बीमारियों का इलाज राज्य में ही संभव हो सकेगा। साथ ही, मेडिको सिटी और 6 नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी।
झारखंड की जनता को मिलेगा बेहतर इलाज
डॉ. अंसारी ने कहा कि अब झारखंड के लोगों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में भटकना नहीं पड़ेगा। उन्होंने नियुक्त हुए CHO से अपेक्षा जताई कि वे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएंगे।
उन्होंने साफ कहा – “यह सिर्फ नौकरी नहीं बल्कि सेवा का अवसर है।” साथ ही भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी लेगी।
राज्य का स्वास्थ्य सूचकांक राष्ट्रीय औसत से बेहतर
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद झारखंड का स्वास्थ्य सूचकांक राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। राज्य और केंद्र सरकार के करीब 40 स्वास्थ्य कार्यक्रम चल रहे हैं, जिनकी जानकारी CHO को रखनी होगी।
उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर के मामले में राज्य राष्ट्रीय औसत से आगे है, लेकिन संस्थागत प्रसव की दर बढ़ाने पर और काम करना होगा।
मिशन मोड में काम करेंगे CHO
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक शशि प्रकाश ने कहा कि CHO को कठिन भौगोलिक क्षेत्रों और गर्भवती महिलाओं तक पहुंचकर मिशन मोड में काम करना होगा। वहीं, प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डॉ. सिद्धार्थ सान्याल ने कहा कि CHO समुदाय में रहकर सेवाएं देंगे और लगातार प्रशिक्षण प्राप्त करते रहेंगे।


