अमेरिकी पाबंदियों पर Rick Sanchez का वार: “भारत बच्चा नहीं, बड़ा खिलाड़ी है”

अमेरिकी पत्रकार रिक सांचेज़ ने ट्रंप की भारत पर तेल पाबंदियों को 'अनुचित और अपमानजनक' बताया।

Fevicon Bbn24
Rick Sanchez Slams Us Tariffs On India Russia Oil
Rick Sanchez Slams Us Tariffs On India Russia Oil (PC: BBN24/Social Media)

अमेरिकी पत्रकार और राजनीतिक टिप्पणीकार रिक सांचेज़ ने भारत पर रूस से तेल खरीदने को लेकर लगाए गए अमेरिकी शुल्क (tariffs) को “अनुचित, अज्ञानतापूर्ण और अपमानजनक” करार दिया है। उनका कहना है कि भारत अब “स्कूल का बच्चा” नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर “बड़ा खिलाड़ी” है।

सांचेज़, जो ‘The Sanchez Effect’ शो के होस्ट हैं, ने कहा कि भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह तेल कहाँ से खरीदेगा, यह अमेरिका तय नहीं कर सकता। उनके मुताबिक, यही वह क्षण था जब दुनिया ने देखा कि भारत वैश्विक शक्ति संतुलन में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

“भारत को बच्चा समझना अपमानजनक”

रिक सांचेज़ ने कहा, “भारत के इतिहास, संसाधनों और क्षमताओं को नज़रअंदाज कर उसे स्कूल के बच्चों की तरह आदेश देना अमेरिका की बड़ी भूल है। जब भारत ने अमेरिका को दो टूक जवाब दिया, तो यह वैश्विक राजनीति में परिवर्तनकारी क्षण था।”

ट्रंप की नीतियों पर सवाल

उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर भी निशाना साधा। सांचेज़ के मुताबिक, “ट्रंप कई फैसले वैज्ञानिक सोच पर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत दुश्मनी और जिद पर लेते हैं।”

ट्रंप प्रशासन ने भारतीय सामानों पर 25% शुल्क और रूस से तेल आयात पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाया, जिससे कुल शुल्क 50% हो गया। इसे लेकर सांचेज़ ने कहा कि यह “व्यक्तिगत गुस्से और राजनीतिक गलतफहमी” का परिणाम है।

ग्लोबल साउथ की ताकत

सांचेज़ का मानना है कि भविष्य में शक्ति संतुलन अमेरिका-यूरोप से खिसककर ग्लोबल साउथ की ओर जाएगा, जहाँ भारत, चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका और ब्राज़ील प्रमुख भूमिका निभाएँगे।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका चीन पर कठोर कार्रवाई नहीं कर सकता क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर चीन पर निर्भर है।

भारत का रुख

भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी अमेरिकी शुल्कों को “अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण” बताया है। भारत ने कहा कि उसकी ऊर्जा आयात नीतियाँ राष्ट्रीय हित और 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा पर आधारित हैं।

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