बिहार के खगड़िया जिले में CBI ने बुधवार को UCO Bank के ब्रांच मैनेजर Amar Kumar को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उनके साथ एक बिचौलिये Rajesh Paswan को भी पकड़ा गया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब ग्राहक से लोन पास कराने के नाम पर 10 हजार रुपये की पहली किस्त ली जा रही थी।
CBI को यह जानकारी एक ग्राहक ने दी थी, जिसने आरोप लगाया कि लोन पास कराने के बदले बैंक मैनेजर Amar Kumar ने 2 लाख रुपये की मांग की थी। इसके बाद CBI की टीम ने मंगलवार को दिनभर निगरानी रखी। योजना के तहत ग्राहक ने 10 हजार रुपये बिचौलिये राजेश पासवान को दिए, जो सीधे बैंक के अंदर गया और रुपये मैनेजर को देने वाला ही था कि तभी CBI ने दोनों को धर दबोचा।
CBI सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए दोनों आरोपियों से बैंक के कॉन्फ्रेंस हॉल में अलग-अलग पूछताछ की गई। इस दौरान CBI Officer Sanjeev Kumar ने दोनों के आवास पर भी छापेमारी की और कई दस्तावेज जब्त किए। इनमें वह कागजात भी शामिल हैं जो विवादित लोन से जुड़े हैं। अधिकारियों ने बताया कि जब्त दस्तावेजों को सील कर दिया गया है।
इस पूरे ऑपरेशन में CBI की 10 सदस्यीय टीम शामिल थी, जिसने Mansi स्थित बैंक शाखा में छापेमारी की। बैंक स्टाफ और ग्राहक तब तक कुछ समझ पाते उससे पहले ही CBI दोनों आरोपियों को लेकर निकल चुकी थी। इस कार्रवाई के बाद बैंक की नियमित गतिविधियां ठप पड़ गईं और सभी स्टाफ को कॉन्फ्रेंस हॉल में इकट्ठा किया गया।
CBI ने अभी तक मामले में आधिकारिक आरोप पत्र या कोर्ट में पेशी को लेकर जानकारी साझा नहीं की है। इस घटना के बाद बैंकिंग सेक्टर में हड़कंप मच गया है और भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI की सक्रियता पर चर्चा तेज हो गई है।


