ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने 1 सितंबर 2025 से चांदी की हॉलमार्किंग के लिए नया हॉलमार्किंग यूनिक ID (HUID) सिस्टम लागू किया है। यह बदलाव बिहार समेत पूरे देश में किया गया है, ताकि ग्राहक आसानी से चांदी की शुद्धता और असलीपन की पुष्टि कर सकें।
डिजिटल ट्रांसपेरेंसी से मिलेगा भरोसा
नई व्यवस्था के तहत ग्राहक अब BIS Care मोबाइल ऐप पर ज्वेलरी की डिटेल्स देख सकेंगे। इसमें शुद्धता ग्रेड, HUID कोड, ज्वेलर का रजिस्ट्रेशन नंबर और अस्से सेंटर की जानकारी शामिल होगी। BIS अधिकारियों के अनुसार, अब चांदी की हॉलमार्किंग भी गोल्ड हॉलमार्किंग की तरह डिजिटल और पारदर्शी हो जाएगी।
सात नए ग्रेड और पहली बार 958 व 999 शामिल
इस नए मानक (IS 2112:2025) के तहत 7 ग्रेड तय किए गए हैं, जिनमें पहली बार 958 और 999 ग्रेड शामिल किए गए हैं। इससे ग्राहकों को ज्यादा विकल्प और शुद्धता की गारंटी मिलेगी। पहले केवल 6 ग्रेड ही उपलब्ध थे।
उपभोक्ताओं और ज्वेलर्स दोनों के लिए लाभ
पटना समेत कई जिलों के हॉलमार्किंग सेंटर अब उपभोक्ताओं और ज्वेलर्स दोनों को यह सुविधा देंगे। BIS का कहना है कि यह कदम नकली या कम शुद्धता वाली चांदी से बचाव करेगा और ज्वेलरी मार्केट में विश्वास बढ़ाएगा।



