पटना: बिहार की राजधानी पटना में स्वास्थ्य विभाग ने नकली दवाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शहर में छापेमारी के दौरान सामने आए फर्जी दवा रैकेट के बाद 16 मेडिकल दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए।
गंभीर बीमारियों की दवाएं निकलीं फर्जी
दवा नियंत्रण प्रशासन (Drug Control Administration) के मुताबिक, जिन दवाओं के सैंपल जांच के लिए कोलकाता की सेंट्रल ड्रग लेबोरेटरी भेजे गए थे, उनमें से कई फेल हो गए। इसमें हाई ब्लड प्रेशर की दवा Telma-40, एंटीबायोटिक, गैस कैप्सूल, एलर्जी की सिरप और कई इंजेक्शन शामिल थे।
उत्तराखंड से लाए जा रहे थे नकली स्टॉक
जांच में सामने आया कि कुछ व्यापारी उत्तराखंड से कच्चे बिल पर स्टॉक मंगवाकर पटना में नकली रैपर लगाकर बेच रहे थे। कई दवाओं में जरूरी साल्ट तक नहीं मिले। इसमें डेक्सामेथासोन और जेंटामाइसिन जैसे जीवन रक्षक इंजेक्शन भी शामिल हैं।
इन मेडिकल स्टोर्स पर हुई कार्रवाई
जिन दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं उनमें PMS Medical Store, KK Medico, Sunny Medical, Amar Enterprises, Kazem Enterprises, Madhu Pharma, Mahalakshmi Medico, Sinha Care Bioscience, Sakshi Enterprises, Rani Pharma, Anshul Medical Centre और Syndicate Pharma शामिल हैं।
FIR दर्ज, लोगों से सतर्क रहने की अपील
असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर चुनेन्द्र महतो ने बताया कि स्पष्ट सबूतों के आधार पर दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। कई दुकानदारों के खिलाफ FIR भी दर्ज हो चुकी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दवा खरीदते समय बिल और लेबल जरूर जांचें तथा संदिग्ध दवा की सूचना तुरंत दें।


