पटना में इस बार दुर्गा पूजा के लिए कुल 525 पंडाल बनाए गए हैं। भीड़भाड़ और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए जिला अग्निशमन विभाग ने 35 पंडालों को असुरक्षित घोषित किया है।
क्यों असुरक्षित माने गए पंडाल?
फायर ऑफिसर मनोज नाथ ने बताया कि इन पंडालों में ढीले तार, ओवर वायरिंग और संकरी निकासी जैसी गंभीर खामियां मिली हैं। आयोजकों को तीन दिन का समय दिया गया है ताकि सुरक्षा मानकों का पालन हो सके।
80 फायर गाड़ियां हाई अलर्ट पर
प्रशासन ने बड़े पंडालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में 80 फायर टेंडर तैनात किए हैं। मुख्य स्थानों में डाकबंगला चौराहा, महावीर मंदिर, पटन देवी, एम्स राउंडअबाउट और पाटलिपुत्र राउंडअबाउट शामिल हैं। इसके अलावा, 24×7 कंट्रोल रूम भी निगरानी करेगा।
किन जगहों पर है खतरा ज्यादा?
जिन जगहों को असुरक्षित बताया गया है उनमें लोहनिपुर पुल के नीचे, सगुना मोड़ के पीछे, चूरी मार्केट, गोविंद मित्रा रोड, चितकोहर शिव मंदिर के पास और गोली रोड स्थित टाकियापुर पंडाल शामिल हैं।
प्रशासन का सख्त संदेश
अधिकारियों ने साफ किया है कि पटना में इस बार भले ही सैकड़ों पंडाल सजाए गए हों, लेकिन जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


