महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के लिए बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत योग्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। पहली किस्त के रूप में ₹10,000 और अधिकतम ₹2,00,000 तक की राशि मंजूर की जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवेदन केवल निर्धारित माध्यमों से ही स्वीकार होंगे। किसी भी बिचौलिए, एजेंट या गैर-सरकारी संस्था की संलिप्तता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
- आवेदिका का स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ा होना अनिवार्य है।
- आयु सीमा 18 से 60 वर्ष तय की गई है।
- आवेदिका या उसके पति आयकरदाता नहीं होने चाहिए।
- कोई भी सरकारी कर्मचारी (नियमित/संविदा) इस योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे।
आवेदन प्रक्रिया: ग्रामीण बनाम शहरी
ग्रामीण क्षेत्र
- आवेदन केवल जीविका ग्राम संगठन (VO) के माध्यम से लिया जाएगा।
- SHG सदस्य महिलाएं विशेष बैठक में आवेदन कर सकती हैं।
- जो महिलाएं SHG से नहीं जुड़ी हैं, उन्हें पहले VO से जुड़ना होगा।
शहरी क्षेत्र
- SHG सदस्य महिलाएं क्षेत्र स्तरीय संगठन (ALO) या नगर निकाय की बैठक में आवेदन करें।
- SHG से न जुड़ी महिलाएं सीधे www.brpls.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
- अंतिम पात्रता के लिए SHG सदस्यता जरूरी हो सकती है।
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड/पहचान पत्र
- जन्म प्रमाणपत्र/10वीं प्रमाणपत्र (आयु प्रमाण हेतु)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- SHG सदस्यता प्रमाण
- बैंक पासबुक/खाता विवरण
- आयकर न होने की घोषणा पत्र
- सरकारी नौकरी न होने का प्रमाण (यदि लागू हो)
धोखाधड़ी से बचें – सरकार की सख्त चेतावनी
- आवेदन केवल VO/ALO या www.brpls.in पर करें।
- किसी भी तरह का शुल्क या कमीशन न दें।
- सभी दस्तावेजों की कॉपी व रसीद अपने पास रखें।
- किसी बिचौलिए की मांग पर तुरंत स्थानीय निकाय या प्रशासन को सूचित करें।
निष्कर्ष
बिहार सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का बड़ा अवसर है। यदि आप इस योजना का लाभ उठाना चाहती हैं, तो निर्धारित माध्यम से ही आवेदन करें और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति से बचें।



