पटना: बिहार पुलिस ने उन रिपोर्ट्स को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि तीन संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकी नेपाल बॉर्डर के रास्ते भारत में घुसे थे। पुलिस की जांच में सामने आया है कि ये तीनों संदिग्ध नेपाल से मलेशिया चले गए।
एडीजी का बयान
पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) पंकज दराड़ ने बताया कि शुरूआती खुफिया इनपुट में आशंका जताई गई थी कि रावलपिंडी के हसनैन अली, उमरकोट के आदिल हुसैन और बहावलपुर के मोहम्मद उस्मान 15 अगस्त से पहले बिहार में घुस सकते हैं। इनके नाम और पासपोर्ट डिटेल्स सुरक्षा एजेंसियों के बीच साझा भी किए गए थे, जिसके बाद भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई थी।
जांच में निकला सच
दराड़ ने कहा कि विशेष शाखा, सीआईडी और सशस्त्र सीमा बल की मदद से बॉर्डर इलाकों में सख्त निगरानी की गई, लेकिन जांच में स्पष्ट हुआ कि संदिग्ध दुबई से नेपाल और फिर मलेशिया चले गए। उन्होंने साफ कहा, “भारत में इनके घुसपैठ का कोई सबूत नहीं मिला।”
आतंकी संगठन से संबंध नहीं
पुलिस अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में संदिग्धों का जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन से कोई संबंध साबित नहीं हुआ है।
इनाम की घोषणा और सतर्कता जारी
इससे पहले मोतिहारी पुलिस ने संदिग्धों की तलाश में 50,000 रुपये के इनाम की घोषणा भी की थी। हालांकि अब अलर्ट को घटा दिया गया है, लेकिन सीमा पर चौकसी अभी भी बरकरार है।



