DPO के ऑफिस में घूस का खेल! महिला अफसर और ऑपरेटर रंगे हाथ गिरफ्तार, 2 लाख कैश ने खोले राज

सुपौल के समाहरणालय में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई, नव नियुक्त महिला सुपरवाइज़र से घूस मांगने का था आरोप, डीएम और एसपी के निर्देश पर मारा गया छापा

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Bihar Dpo Arrested Taking Bribe Supaul
Bihar Dpo Arrested Taking Bribe Supaul (Source: BBN24/Google/Social Media)

सुपौल: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी जंग के तहत गुरुवार को सुपौल जिला मुख्यालय के आईसीडीएस (ICDS) कार्यालय से एक महिला DPO और डाटा ऑपरेटर को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। डीपीओ शोभा सिन्हा और ऑपरेटर चंदन कुमार के पास से करीब दो लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पूरे जिले में यह खबर जंगल की आग की तरह फैल गई।

डीएम-एसपी की संयुक्त रणनीति, चार घंटे की छापेमारी में हुआ बड़ा खुलासा

इस कार्रवाई को डीएम सावन कुमार और एसपी शरथ आरएस के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। साथ में एसडीएम इंद्रवीर कुमार, बीडीओ और अन्य अधिकारी भी शामिल थे। करीब चार घंटे चली रेड में आईसीडीएस कार्यालय और संबंधित कर्मचारियों के व्यक्तिगत कक्षों की गहन तलाशी ली गई। इस दौरान कई जगहों से नकदी जब्त की गई, जिससे घूसखोरी की पुष्टि हो गई।

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महिला सुपरवाइज़र से मांगे थे 25-25 हजार, नहीं देने पर नियुक्ति रद्द करने की धमकी

सूत्रों के अनुसार, जनवरी में मुख्यमंत्री के हाथों 15 महिला सुपरवाइजर (LS) को नियुक्ति पत्र दिए गए थे, लेकिन विभाग में औपचारिक नियुक्ति में जानबूझकर देरी की जा रही थी। DPO शोभा सिन्हा ने हर चयनित महिला से ₹25,000 घूस की मांग की थी। बुधवार को इन महिलाओं को बुलाकर गुरुवार को पैसे लाने को कहा गया था। कुछ महिलाएं गुरुवार को पैसे लेकर कार्यालय पहुंचीं, लेकिन इससे पहले ही कार्रवाई हो गई।


पहले भी विवादों में रह चुकी हैं शोभा सिन्हा, सख्त मिजाज के पीछे छुपा था करप्शन का चेहरा

DPO शोभा सिन्हा अपने सख्त रवैये और अनुशासन के लिए चर्चित थीं, लेकिन उनके खिलाफ पहले भी कई भ्रष्टाचार की शिकायतें दर्ज थीं। बावजूद इसके, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। गुरुवार की गिरफ्तारी ने उनकी छवि को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है और पूरे प्रशासनिक तंत्र को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है।

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गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई, डीएम ने बताया पूरी योजना

जिलाधिकारी सावन कुमार ने प्रेस को बताया कि उन्हें एक गुप्त सूचना मिली थी कि नियुक्ति के बदले घूस ली जा रही है और पैसे नहीं देने पर महिलाओं की नियुक्ति रद्द करने की धमकी दी जा रही है। सूचना की पुष्टि होते ही उन्होंने रेड की रणनीति बनाई और पूरी टीम को अलर्ट किया गया। कार्रवाई के बाद बरामद नकदी और साक्ष्यों ने साफ कर दिया कि आरोप सही थे।

अब आगे क्या? जांच शुरू, कानूनी कार्रवाई की तैयारी

गिरफ्तारी के बाद शोभा सिन्हा और चंदन कुमार को थाने ले जाया गया है और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जिला प्रशासन ने जांच के लिए एक विशेष टीम गठित कर दी है और अन्य संभावित संलिप्त कर्मचारियों की भी जांच की जा रही है।

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