बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले दारोगा भर्ती को लेकर राजधानी पटना की सड़कों पर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को हजारों की संख्या में युवा गांधी मैदान और जेपी गोलंबर के पास जुटे और भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग उठाई।
चुनाव से पहले भर्ती की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को चुनाव आयोग की घोषणा से पहले दारोगा (Sub-Inspector) की नियुक्ति करनी चाहिए। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी से युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।
पारदर्शिता और समयबद्धता की अपील
छात्रों ने बिहार पुलिस सेवा आयोग (BPSSC) और केंद्रीय चयन पर्षद (CSBC) से भर्ती कैलेंडर जारी करने की भी मांग की। साथ ही उत्तर कुंजी (Answer Key), कट ऑफ, बुकलेट और कार्बन कॉपी उपलब्ध कराने की अपील की, ताकि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।
पुलिस-प्रदर्शनकारी आमने-सामने
पटना की सड़कों पर इतने ज्यादा छात्र जुटे कि गांधी मैदान और डाक बंगला चौराहा पूरी तरह जाम हो गया। स्थिति संभालने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। हालांकि, जेपी गोलंबर पर बैरिकेटिंग तोड़कर प्रदर्शनकारी आगे बढ़ गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन तक तैनात किए।
हालात बिगड़े, शिक्षक हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान शिक्षक रोशन को हिरासत में लिए जाने के बाद छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया। इसके बाद हुजूम कोतवाली की तरफ बढ़ गया। तिरंगा झंडा थामे युवाओं ने सरकार से दारोगा भर्ती जल्द शुरू करने की मांग दोहराई।


