Bihar Chunav Result 2025: नीतीश आवास पर लगा ‘टाइगर अभी जिंदा है’ पोस्टर, NDA की मजबूत बढ़त

बिहार चुनाव 2025 के रुझानों में NDA को भारी बढ़त, इसी बीच नीतीश कुमार के घर बाहर लगा पोस्टर बना चर्चा का केंद्र।

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Bihar Chunav Result 2025 Nitish Tiger Zinda Hai Poster Viral
Bihar Chunav Result 2025 Nitish Tiger Zinda Hai Poster Viral (PC: BBN24/Social Media)
मुख्य बातें (Highlights)
  • एनडीए ने सरकार बनाने का आंकड़ा पार किया, जदयू–भाजपा को 65–65 सीटों पर बढ़त।
  • नीतीश कुमार के आवास और जदयू ऑफिस के बाहर ‘टाइगर अभी जिंदा है’ पोस्टर चर्चा में।
  • तेजस्वी यादव का दावा फेल, एन्टी-इंकम्बेंसी के बीच नीतीश की रणनीति कामयाब।

बिहार चुनाव 2025 के नतीजों का इंतज़ार खत्म होने को है। सुबह से जारी रुझानों में एनडीए ने शुरुआत से ही मजबूत बढ़त बना रखी है और सरकार बनाने का आंकड़ा भी पार कर लिया है। दोपहर तक तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है, लेकिन इससे पहले एक पोस्टर ने पूरे राजनीतिक माहौल में हलचल बढ़ा दी है।

नीतीश कुमार के आवास के बाहर लगाया गया पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लिखा है— “टाइगर अभी जिंदा है…”। पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर भी लगी है, और इसे एनडीए समर्थकों के उत्साह का प्रतीक माना जा रहा है।

NDA को भारी बढ़त, JDU–BJP बराबरी पर

वोटों की गिनती के पहले चरण— बैलेट पेपर— से ही एनडीए ने बढ़त बना ली थी।
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:

  • जदयू: 65 सीटों पर बढ़त
  • भाजपा: 65 सीटों पर बढ़त
  • आरजेडी: केवल 38 सीटों पर बढ़त

ये रुझान साफ संकेत दे रहे हैं कि बिहार की सत्ता एक बार फिर एनडीए के हाथों में जा सकती है।

मतदान प्रतिशत में आई बढ़ोतरी ने बढ़ाया उत्साह

इस बार बिहार में मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
प्रवासी मजदूरों के बड़ी संख्या में वोट डालने लौटने को लेकर दोनों ओर से अलग-अलग दावे किए गए:

  • NDA के अनुसार, प्रवासियों ने सुशासन और विकास के नाम पर वोट दिया।
  • महागठबंधन के अनुसार, यह बढ़ती नाराजगी और सरकार विरोधी वोटिंग का नतीजा है।

एनडीए इसे नीतीश कुमार की नीतियों का समर्थन मान रहा है, जबकि विपक्ष इसे बदले की भावना से जोड़ रहा है।

तेजस्वी का दावा कमजोर, नीतीश–भाजपा रणनीति रही हावी

चुनाव प्रचार के दौरान आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सरकार गठन और शपथ ग्रहण तक का दावा किया था।
महागठबंधन लगातार एंटी-इंकम्बेंसी की बात उठाता रहा, लेकिन रुझान कुछ और ही कहानी कह रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार भी नीतीश कुमार की रणनीति और भाजपा की संगठित चुनावी चाल ने एनडीए को निर्णायक बढ़त दिलाई है।

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