पटना में बड़ा खुलासा! नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त करने वाला गिरोह पकड़ा गया

पटना पुलिस ने छह माह की बच्ची को छुड़ाया, 8 गिरफ्तार, कई राज्यों तक फैला नेटवर्क

Rohit Mehta Journalist
Bihar Child Kidnapping Gang Busted Patna
Bihar Child Kidnapping Gang Busted Patna (PC: BBN24/Social Media)

पटना: बिहार की राजधानी पटना से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो मासूम बच्चों का अपहरण कर निःसंतान दंपतियों को बेचता था। इस नेटवर्क से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बिहार के साथ-साथ कई अन्य राज्यों में भी सक्रिय था और बच्चों की कीमत 2 से 2.5 लाख रुपये तक वसूलता था।

कैसे हुआ खुलासा?

यह मामला तब सामने आया जब 23 अगस्त को पटना जंक्शन से अगवा की गई छह माह की बच्ची को नालंदा से बरामद किया गया। पुलिस ने उसी गिरोह से एक और बच्चा भी पाया, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।

अस्पताल और रेलवे स्टेशन थे मुख्य निशाने

रेलवे डीआईजी राजीव रंजन के मुताबिक, गिरोह खासकर अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों को अपना ठिकाना बनाता था। महिलाएं अकेले यात्रा करने वालों से दोस्ती कर लेतीं और मौका पाकर मासूम बच्चों को गायब कर देतीं। अपहृत बच्चों की देखभाल का जिम्मा भी इन्हीं महिलाओं को सौंपा जाता था।

ट्रेन से हुआ था अपहरण

मामले की शुरुआत औरंगाबाद की एक महिला से हुई, जो 22 अगस्त को कोटा-पटना एक्सप्रेस से पटना आ रही थी। रास्ते में आरोपी रंजीत ने उससे बातचीत कर विश्वास जीत लिया। पटना जंक्शन पर जब महिला बाथरूम गई तो उसने बच्ची रंजीत को पकड़ने के लिए दे दी। लेकिन जब वह लौटी तो रंजीत और बच्ची दोनों गायब थे।

पुलिस का जाल और गिरफ्तारी

पुलिस ने साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रैक कर 3 सितंबर को पटना में जाल बिछाया। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी आधी पैंट और टी-शर्ट पहनकर छापेमारी करने पहुंचे और बच्ची को सुरक्षित छुड़ाते हुए गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।

2 लाख रुपये में हुआ सौदा

जांच में सामने आया कि नालंदा के एक दंपति ने 15 साल से संतान न होने के कारण 2 लाख रुपये में बच्ची खरीदने का सौदा किया था। इसमें दलाल मुन्ना बिंद ने अहम भूमिका निभाई और अपहरणकर्ता रंजीत को 60 हजार रुपये दिए।

गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य दलाल मुन्ना बिंद और उसका बेटा, अपहरणकर्ता रंजीत, तीन महिलाएं बबीता, कौशल्या और अनीता, एक आरोपी विष्णु और खरीदार संजीत विश्वकर्मा शामिल हैं।

कई राज्यों में फैला नेटवर्क

पुलिस को शक है कि गिरोह का नेटवर्क बिहार के अलावा राजस्थान, कोलकाता और सीमावर्ती राज्यों में भी फैला हुआ है। फिलहाल एक आरोपी फरार है और उसके भी नए अपहरण की कोशिश करने की आशंका जताई जा रही है।

परिवार से मिली बच्ची, दूसरी की पहचान जारी

फिलहाल छुड़ाई गई बच्ची को परिवार को सौंप दिया गया है। वहीं दूसरे बच्चे की पहचान की जा रही है। पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क और इसके पीछे छिपे सभी चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

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