India Tech Growth: केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही विशाखापत्तनम एक उभरता हुआ AI सिटी बन जाएगा, जहां टेक कंपनियां, स्टार्टअप्स और इनोवेशन तेजी से बढ़ेंगे.
विशाखापत्तनम बनेगा AI सिटी
आंध्र प्रदेश के तारलुवाड़ा क्षेत्र में इस बड़े प्रोजेक्ट की नींव रखी जा चुकी है.
यह सिर्फ एक डेटा सेंटर नहीं, बल्कि AI आधारित सेवाओं, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल इनोवेशन का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है.
कितना बड़ा है यह प्रोजेक्ट?
- कुल निवेश: करीब 15 अरब डॉलर
- क्षमता: लगभग 1 गीगावाट
- जमीन: करीब 600 एकड़
- पार्टनर: AdaniConneX और Airtel Nxtra
इतना बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर भारत के टेक सेक्टर में एक बड़ा बदलाव ला सकता है.
AI और डिजिटल सेवाओं में बदलाव
इस डेटा सेंटर से कई सेक्टर में तेजी आएगी:
- हेल्थकेयर में एडवांस डेटा एनालिसिस
- एजुकेशन में AI बेस्ड लर्निंग
- लॉजिस्टिक्स में स्मार्ट मैनेजमेंट
- एग्रीकल्चर में टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग
इससे कंपनियों को भारत में ही AI सॉल्यूशंस तैयार करने का मौका मिलेगा.
ग्लोबल कनेक्टिविटी होगी मजबूत
इस प्रोजेक्ट के साथ अंडरसी केबल नेटवर्क भी जोड़ा जा रहा है, जिससे भारत की कनेक्टिविटी यूरोप, अफ्रीका, अमेरिका और पश्चिम एशिया से और बेहतर होगी.
भारत बनेगा टेक्नोलॉजी पावरहाउस
भारत पहले ही IT सर्विसेज में मजबूत स्थिति में है. अब इस तरह के निवेश से:
- डेटा प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ेगी
- क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा
- स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा
यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक डेटा सेंटर नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल भविष्य की नींव साबित हो सकता है. आने वाले समय में विशाखापत्तनम एक ग्लोबल AI और टेक हब के रूप में उभर सकता है.


