संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को कड़े शब्दों में जवाब दिया। भारत की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने एक बार फिर आतंकवाद को महिमामंडित करने का काम किया है। उन्होंने साफ कहा – “कोई भी नाटक या झूठ तथ्यों को छिपा नहीं सकता।”
ऑपरेशन सिंदूर पर पाक का झूठा दावा
शरीफ ने अपने भाषण में ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए दावा किया कि भारत के 7 जेट्स क्षतिग्रस्त हुए। जबकि भारत की वायुसेना ने यह साफ किया था कि भारतीय जेट्स ने पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमान और एक बड़े विमान को मार गिराया। गहलोत ने याद दिलाया कि पाकिस्तान लगातार आतंकियों को बचाता है और उनकी रक्षा करता है।
आतंकियों के महिमामंडन पर भारत का पलटवार
गहलोत ने सभा में कहा कि भारतीय बलों ने बहावलपुर और मुरिदके स्थित आतंकी परिसरों में कई आतंकियों को मार गिराया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पाकिस्तान खुद कुख्यात आतंकियों को श्रद्धांजलि देता है, तो क्या उसकी नीयत पर संदेह बाकी रह जाता है?
ओसामा को शरण और आतंक का खेल
भारत ने पाकिस्तान की पुरानी करतूतों की भी पोल खोली। गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान ने सालों तक ओसामा बिन लादेन को पनाह दी और दुनिया के सामने आतंकवाद विरोधी साझेदारी का ढोंग किया। पाकिस्तान के मंत्री भी मान चुके हैं कि दशकों से वहां आतंकी शिविर चलाए जाते रहे हैं।
नतीजा: दुनिया के सामने पाकिस्तान का असली चेहरा
भारत के इस जवाब ने साफ कर दिया कि पाकिस्तान आतंकवाद को विदेश नीति का हिस्सा मानकर आगे बढ़ता है। और UN मंच पर उसका “नाटक” अब दुनिया छुपा नहीं सकती।


