ध्वनि से 9 गुना तेज ‘जिरकोन’! रूस के हाइपरसोनिक मिसाइल टेस्ट से बढ़ा विश्व का तनाव

रूस ने बेरेंट्स सागर में जिरकोन हाइपरसोनिक मिसाइल दागी, दुनिया भर की सैन्य शक्तियां चौकन्नी

Fevicon Bbn24
Russia Zircon Hypersonic Missile Test 2025
Russia Zircon Hypersonic Missile Test 2025 (PC: BBN24/Social Media)

रूस ने एक बार फिर अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए हाइपरसोनिक मिसाइल ‘जिरकोन’ का परीक्षण किया। यह मिसाइल ध्वनि की गति से 9 गुना अधिक तेज है और इसे रोकना लगभग नामुमकिन माना जाता है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जिरकोन किसी भी दुश्मन देश की रणनीति और सुरक्षा ढांचे को बदलने की क्षमता रखती है।

बेरेंट्स सागर से दागी गई मिसाइल

रूसी रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि उत्तरी बेड़े के एडमिरल गोलोव्को फ्रिगेट से बेरेंट्स सागर में लक्ष्य पर इस मिसाइल को छोड़ा गया। जारी फुटेज में दिखा कि मिसाइल को लंबवत छोड़ा गया और फिर यह तीव्र गति से क्षितिज की ओर बढ़ी। रियल-टाइम डेटा से पुष्टि हुई कि मिसाइल ने अपने लक्ष्य को सटीकता से नष्ट कर दिया।

सैन्य अभ्यास और बेलारूस की भागीदारी

यह परीक्षण रूस और बेलारूस के बीच चल रहे ‘जापाड-2025’ (Zapad-2025) संयुक्त सैन्य अभ्यास का हिस्सा था। इस अभ्यास का उद्देश्य रूस या बेलारूस पर किसी संभावित हमले की स्थिति में सैन्य समन्वय को मजबूत करना है। इस दौरान Su-34 सुपरसोनिक लड़ाकू विमान ने भी जमीनी ठिकानों पर बमबारी का अभ्यास किया।

अमेरिका और नाटो की चिंता

रूस के इस कदम से अमेरिका और नाटो देशों की चिंता बढ़ गई है। खासकर तब जब कुछ दिन पहले ही पोलैंड में रूसी ड्रोन घुसपैठ की खबर आई थी। इसके बाद अमेरिका के नेतृत्व में नाटो ने ‘ईस्टर्न सेंट्री’ ऑपरेशन की घोषणा कर दी।

जिरकोन मिसाइल की घातक क्षमता

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही कह चुके हैं कि जिरकोन 600 मील से अधिक दूरी तक लक्ष्य भेद सकती है। इस मिसाइल की रेंज 400 से 1000 किलोमीटर तक मानी जाती है और इसका वारहेड वजन 300-400 किलोग्राम तक हो सकता है। इसे रूस में 3M22 Zircon और नाटो में SS-N-33 नाम से जाना जाता है।

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