नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं सुशीला कार्की, सत्ता संघर्ष पर लगा विराम

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की ने अंतरिम पीएम पद की कमान संभाली, बालेन शाह और Gen-Z का मिला समर्थन।

Rohit Mehta Journalist
Sushila Karki First Woman Prime Minister Of Nepal
Sushila Karki First Woman Prime Minister Of Nepal (PC: BBN24/Social Media)
मुख्य बातें (Highlights)
  • नेपाल में सस्पेंस खत्म, नई पीएम बनीं सुशीला कार्की
  • बालेन शाह और Gen-Z का समर्थन बना ताकत
  • कुलमान घीसिंग भी थे रेस में, लेकिन पीछे हटे

नेपाल की राजनीति में लंबे समय से चल रहा सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल जल्द ही उन्हें शपथ दिलाएंगे।

काठमांडू के मेयर और प्रधानमंत्री पद के दावेदार रहे बालेन शाह ने भी कार्की के नाम का समर्थन किया, जिससे उनके पक्ष में माहौल और मजबूत हो गया। वहीं, अंतरिम प्रधानमंत्री पद की रेस में नेपाल बिजली बोर्ड के पूर्व प्रमुख कुलमान घीसिंग का नाम भी सामने आया था, लेकिन अंततः सहमति कार्की के पक्ष में बनी।

भ्रष्टाचार विरोधी फैसलों से बनीं लोकप्रिय

73 वर्षीय सुशीला कार्की लंबे समय से सरकार विरोधी आंदोलनों में सक्रिय चेहरा रही हैं। मुख्य न्यायाधीश के कार्यकाल में उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ कई ऐतिहासिक फैसले दिए। इन्हीं कदमों की वजह से वह नेपाल के युवा वर्ग, खासकर Gen-Z, के बीच काफी लोकप्रिय बनीं।

जेल ब्रेक और चुनौतियों के बीच संभाली कमान

नेपाल में हाल ही में हुए बड़े जेल ब्रेक में 13,572 कैदी फरार हो गए थे। अब इस गंभीर हालात में सुशीला कार्की को देश की कमान सौंपी गई है। इस संकट से निपटने में उन्हें बालेन शाह और युवाओं का पूरा समर्थन मिल रहा है।

पहली महिला चीफ जस्टिस से पीएम तक का सफर

सुशीला कार्की का जन्म 7 जून 1952 को नेपाल के बिराटनगर में हुआ था। उन्होंने महेंद्र मोरंग कैंपस से BA और भारत के बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स किया। 1978 में त्रिभुवन यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री हासिल कर उन्होंने वकालत शुरू की।

2009 में उन्हें नेपाल सुप्रीम कोर्ट में एड-हॉक जज नियुक्त किया गया और 2010 में स्थायी जज बनाया गया। 2016 में वे नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस बनीं। हालांकि, 2017 में उनके खिलाफ महाभियोग लाए जाने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। अब वही सुशीला कार्की देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में इतिहास रच चुकी हैं।

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