बिहार की सियासत इस वक्त चुनावी घोषणाओं से सराबोर है। जन सुराज पार्टी (JSP) के संस्थापक प्रशांत किशोर ने ‘परिवार लाभ कार्ड’ के नाम से एक अनोखी पहल शुरू की है। पार्टी का दावा है कि इस कार्ड के जरिए हर परिवार को हर महीने लगभग 20 हजार रुपये तक का फायदा मिल सकता है।
क्या है परिवार लाभ कार्ड का वादा?
जन सुराज पार्टी की ओर से जारी फॉर्म में पांच बड़े लाभों का वादा किया गया है:
- रोज़गार गारंटी के तहत ₹12,000 महीना
- पेंशन योजना (बृद्धा, विधवा, दिव्यांग) ₹2,000
- नकदी फसलों की खेती के लिए मुफ्त मज़दूर सुविधा ₹2,500
- स्कूली शिक्षा में सहयोग ₹1,000
- महिलाओं के लिए कम ब्याज दर पर लोन सहायता ₹2,500
50 लाख से ज्यादा फॉर्म जमा
पार्टी का कहना है कि अब तक 50 लाख परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं। अगर पार्टी के आंकड़े सही हैं तो बिहार के हर पांच में से एक परिवार ने पंजीकरण करा लिया है।
सियासी टकराव तेज
जहां प्रशांत किशोर इस कार्ड को लेकर वोटरों के बीच पहुंच बना रहे हैं, वहीं विपक्षी दलों ने इसे चुनावी छलावा बताया है।
- आरजेडी: महिलाओं से ₹2,500 मासिक मदद का ‘माई-बहिन मान योजना’ चला रही है।
- बीजेपी: डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने चेतावनी दी कि ऐसे फॉर्म भरवाना गैर-कानूनी है।
- जेडीयू: मंत्री विजय चौधरी ने आरजेडी को ठगैती और झांसेबाजी का आरोप लगाया।
चुनावी बयानबाजी में पीके भी आगे
प्रशांत किशोर लगातार सभाओं में कह रहे हैं—
“जब मंदिर के लिए वोट दिया तो मंदिर बना, सड़क के लिए वोट दिया तो सड़क बनी, अब बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए जन सुराज को वोट दें।”
उन्होंने यह भी संकेत दिए हैं कि वे खुद राघोपुर (तेजस्वी यादव की सीट) या करगहर (अपना जन्मस्थान) से चुनाव लड़ सकते हैं।



