क्या तिहाड़ बनेगा माल्या-नीरव का नया ठिकाना? ब्रिटिश टीम के दौरे से बढ़ी हलचल

ब्रिटिश क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने तिहाड़ जेल का निरीक्षण किया, प्रत्यर्पण मामलों में भारत को मिल सकती है बढ़त।

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Vijay Mallya Nirav Modi Extradition Tihar Visit
Vijay Mallya Nirav Modi Extradition Tihar Visit (PC: BBN24/Social Media)

ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) का चार सदस्यीय दल हाल ही में दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल पहुंचा। इस दौरे का उद्देश्य जेल की सुरक्षा और सुविधाओं का आकलन करना था ताकि प्रत्यर्पण मामलों, खासकर विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे हाई-प्रोफाइल भगोड़ों की वापसी में भारत की स्थिति मजबूत हो सके।

अधिकारियों के मुताबिक, CPS टीम जेल की स्थितियों से संतुष्ट दिखी। भारतीय अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि हाई-प्रोफाइल कैदियों की सुरक्षा के लिए तिहाड़ परिसर में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विशेष ‘एनक्लेव’ भी तैयार किया जा सकता है।

ब्रिटेन की अदालतों में उठे सवाल

कई भगोड़े अपराधियों ने ब्रिटेन की अदालतों में तर्क दिया था कि भारत लाए जाने पर उन्हें तिहाड़ में हिंसा, प्रताड़ना या असुरक्षा का सामना करना पड़ सकता है। इसी आधार पर फरवरी में ब्रिटिश हाईकोर्ट ने आर्म्स डीलर संजय भंडारी का प्रत्यर्पण खारिज कर दिया था। इसके बाद अप्रैल में विर्करण अवस्थी और उनकी पत्नी रितिका अवस्थी को भी वेस्टमिंस्टर कोर्ट से बिना शर्त जमानत मिल गई थी।

भारत ने दी सुरक्षा की गारंटी

इन घटनाओं के बाद CPS ने भारत सरकार से प्रत्यर्पित कैदियों की सुरक्षा और यूरोपीय मानवाधिकार संधि (ECHR) के अनुच्छेद 3 (जो यातना और अमानवीय व्यवहार पर रोक लगाता है) के अनुपालन की गारंटी मांगी। जून 2025 में भारत ने ब्रिटेन को आश्वासन दिया कि किसी भी प्रत्यर्पित कैदी के साथ अमानवीय व्यवहार नहीं किया जाएगा।

लंबित हैं 178 प्रत्यर्पण अनुरोध

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के 178 प्रत्यर्पण अनुरोध विभिन्न देशों में लंबित हैं। इनमें से लगभग 20 मामले केवल ब्रिटेन में लंबित हैं। इन मामलों में विजय माल्या, नीरव मोदी, इकबाल मिर्ची की पत्नी हाजरा मेमन, उनके बेटे असीक और जुनैद मेमन सहित कई खालिस्तानी नेताओं के नाम शामिल हैं।

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