राजधानी लखनऊ एक बार फिर पुलिसिया कारगुज़ारी को लेकर सवालों के घेरे में है। एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसने डायल 112 पर छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई, लेकिन मदद मिलने के बजाय उसे ही पुलिस चौकी ले जाकर प्रताड़ित किया गया।
युवती का आरोप है कि डबल स्टार वाले दारोगा और दो महिला सिपाहियों ने न केवल गालियां दीं, बल्कि कपड़े फाड़कर उसके चेहरे पर जूते रगड़े और बेरहमी से पीटा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई आपबीती
पीड़िता ने अपनी कहानी सुनाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। वीडियो में युवती ने कहा–
“अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं विधानसभा के सामने आत्महत्या कर लूंगी। मेरी मौत की जिम्मेदार लखनऊ की पीजीआई पुलिस होगी।”
युवती ने शरीर पर लगे चोटों के निशान भी दिखाए और कहा कि उसकी इज्जत लूटने की कोशिश की गई।
छेड़छाड़ से शुरू हुआ मामला, बनी दर्दनाक कहानी
युवती के मुताबिक, वह सेक्टर-10 में अपने दोस्त से मिलने जा रही थी तभी कुछ लड़कों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। उसने तुरंत डायल 112 पर कॉल कर शिकायत दर्ज की। लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने उसी पर अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा–
- “तुम धंधे वाली हो”
- “तुमने शराब पी रखी है”
इसके बाद उसे गाड़ी में बैठाकर चौकी ले जाया गया और वहीं पर बर्बरता की गई।
फिलहाल पुलिस चुप, कार्रवाई की मांग तेज
युवती का कहना है कि अब वह केवल न्याय चाहती है। अपमान और प्रताड़ना के बाद जीने की इच्छा खत्म हो गई है। इस मामले पर अभी तक लखनऊ पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


