बिहार की राजनीति में बयानबाज़ी का दौर तेज़ हो गया है। जन सुराज अभियान के संयोजक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने गुरुवार को अरवल के कुर्था में हुई सभा के बाद तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) और राजद (RJD) पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर बोलने का हक राजद को नहीं है।
तेजस्वी की टिप्पणी पर पीके का व्यंग्य
पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को “भ्रष्टाचार का पितामह” कहा है, तो प्रशांत किशोर हंस पड़े। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा –
“तेजस्वी यादव जब भ्रष्टाचार और सुशासन की बात करते हैं तो ऐसा लगता है जैसे कोई शेर शाकाहारी होने की बात करने लगे।”
पीके ने दावा किया कि राजद की असलियत आज भी वही है। सत्ता में लौटते ही लूटमार और अपहरण-भ्रष्टाचार शुरू हो जाएगा।
“नीतीश, लालू और मोदी से मुक्त होना होगा बिहार को”
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार को नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव और नरेंद्र मोदी तीनों से मुक्त करना होगा। उन्होंने जनता से बदलाव की अपील करते हुए कहा कि दिसंबर से बिहार में नई व्यवस्था दिखाई देगी।
बीजेपी बंद पर भी साधा निशाना
बीजेपी द्वारा बुलाए गए बिहार बंद को भी प्रशांत किशोर ने पूरी तरह विफल बताया। उन्होंने कहा कि अगर बंद सफल था तो उनकी सभा में इतनी भीड़ कैसे उमड़ी। पीके ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों का चरित्र ही गाड़ियां रोककर और जनता को परेशान करके राजनीति करना है।
जनता चाहती है नया विकल्प
प्रशांत किशोर का दावा है कि अब बिहार की जनता के पास विकल्प है। न तो मोदी के डर से और न लालू-नीतीश के दबाव में वोट पड़ेगा। लोग बदलाव के मूड में हैं और इसका असर आगामी चुनाव में साफ दिखाई देगा।


