पटना के गर्दानीबाग धरना स्थल पर बिहार होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन का सत्याग्रह आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश अध्यक्ष कन्हैया राय उर्फ़ झलक बाबा ने साफ कहा कि जब तक राज्य के होमगार्ड्स की 9 सूत्री मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया जाएगा, तब तक यह सत्याग्रह जारी रहेगा।
सरकार से तत्काल वार्ता की अपील
सत्याग्रह सभा को संबोधित करते हुए झलक बाबा ने मुख्यमंत्री से अपील की कि प्रतिनिधियों को बुलाकर वार्ता की जाए और जायज मांगों को तुरंत पूरा किया जाए। वहीं महात्मा गांधी के वेश में आंदोलन कर रहे शंभू कुमार मंडल ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि “आज तीसरा दिन पूरा हो गया, लेकिन सरकार का कोई भी अधिकारी सुध लेने नहीं आया, जो न्यायोचित नहीं है।”
पानी की भी नहीं व्यवस्था
धरना स्थल पर भी प्रशासन की लापरवाही उजागर हुई। एसोसिएशन से जुड़े निर्मल कुमार तिवारी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से पीने के पानी तक की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे होमगार्ड्स में नाराज़गी और बढ़ गई है।
होमगार्ड्स का योगदान, पर भत्ता बेहद कम
महासचिव सुधीश कुमार और कोषाध्यक्ष हरिश्चंद्र सिंह ने कहा कि राज्य के होमगार्ड्स कानून-व्यवस्था, बैंक, रेल, जेल, सचिवालय, चुनाव और आपातकालीन सेवाओं में 24 घंटे पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं। इसके बावजूद उन्हें केवल 774 रुपये दैनिक भत्ता मिलता है, जो बढ़ती महंगाई में बेहद कम है।
9 सूत्री मांगें क्या हैं?
होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार के सामने 9 बड़ी मांगें रखी हैं:
- गृह रक्षा वाहिनी संशोधित अधिनियम 1994 लागू कर सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिले।
- वर्दी भत्ता ₹10,000 प्रतिवर्ष किया जाए।
- दो दिन का भत्ता सहित आकस्मिक अवकाश मिले।
- महिला होमगार्ड्स को मातृत्व अवकाश दिया जाए।
- सेवानिवृत्ति के बाद ₹1100 मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिले।
- दैनिक भत्ते में बढ़ोतरी की जाए।
- कार्य के अनुरूप वेतनमान तय हो।
- अवकाश की सुविधा स्पष्ट रूप से दी जाए।
- सरकार प्रतिनिधियों से तत्काल वार्ता करे।
📌 एसोसिएशन का अल्टीमेटम
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द मांगों पर निर्णय नहीं लिया तो शांतिपूर्ण सत्याग्रह आंदोलन बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।


