मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र में शनिवार को रेलवे ट्रैक के पास मिली महिला लाश की पहचान सहायक शिक्षिका आशा मिंज (58 वर्ष) के रूप में हुई। आशा दो दिन पहले से लापता थीं और परिजनों ने काजीमोहम्मदपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
बीएलओ कार्य बना तनाव का कारण
शिक्षिका के भाई अजय मिंज ने बताया कि आशा को हाल ही में बीएलओ का कार्य सौंपा गया था। पिछले एक महीने से इस अतिरिक्त जिम्मेदारी के चलते वह मानसिक दबाव झेल रही थीं। शुक्रवार शाम वह अचानक घर से बिना बताए निकल गईं। उनका बैग और मोबाइल घर पर ही रह गया।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम
मिठनपुरा थाना पुलिस ने शुक्रवार रात अज्ञात महिला का शव बरामद किया था, जिसकी पहचान परिजनों ने शनिवार को की। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया महिला ट्रेन की चपेट में आई थी। मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
शिक्षक संघ ने जताई आपत्ति
हेडमास्टर सह प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान सचिव राजीव कुमार ने कहा कि आशा मिंज बीएलओ कार्य के कारण तनाव में थीं। विभागीय आदेश के अनुसार, शिक्षकों को अनिवार्य रूप से शिक्षण कार्य के अलावा अन्य कार्यों में नहीं लगाया जा सकता। इसके बावजूद उन्हें इस काम में लगाया गया।
सवालों के घेरे में सिस्टम
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी आदेशों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को उजागर किया है। सवाल उठ रहे हैं कि जब शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने का आदेश है, तो आखिरकार क्यों आशा जैसी शिक्षिकाओं को यह जिम्मेदारी दी जाती है।


