अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति से पैदा हुए वैश्विक तनाव के बीच भारत और चीन एक बार फिर से आपसी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। मंगलवार को चीन के विदेश मंत्री और पोलित ब्यूरो सदस्य वांग यी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
इस मुलाकात के दौरान वांग यी ने प्रधानमंत्री मोदी को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग का विशेष संदेश और तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन का निमंत्रण सौंपा।
सीमा शांति और सहयोग पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत में भारत-चीन संबंधों में सीमा पर शांति बनाए रखने की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमा विवाद का समाधान निष्पक्ष, तर्कसंगत और आपसी स्वीकार्यता पर आधारित होना चाहिए।
मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि पिछले वर्ष कजान में राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में स्थिर और सकारात्मक प्रगति देखी गई है। इस दौरान कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली को भी अहम कदम बताया गया।
एससीओ सम्मेलन में मुलाकात को लेकर उत्सुकता
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा भेजे गए आमंत्रण को स्वीकार करते हुए SCO शिखर सम्मेलन में शामिल होने की सहमति जताई। उन्होंने कहा कि वह तियानजिन में राष्ट्रपति शी से मुलाकात को लेकर उत्सुक हैं और सम्मेलन में चीन की अध्यक्षता का पूरा समर्थन करेंगे।
मोदी ने यह भी कहा कि भारत-चीन के बीच स्थिर और रचनात्मक संबंध न सिर्फ दोनों देशों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्रीय और वैश्विक शांति व समृद्धि के लिए बेहद अहम होंगे।



