कटिहार: बिहार के कटिहार ज़िले से एक चौंकाने वाली और चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय ताजगंज फसिया में कक्षा 3 का छात्र समर स्कूल में सोते रह गया, और स्कूल स्टाफ ने बिना जांच किए स्कूल बंद कर ताला लगा दिया।
खिड़की में फंसा बच्चा, घंटों तक करता रहा मदद की गुहार
बच्चा पढ़ते-पढ़ते क्लास में ही सो गया था, लेकिन स्कूल स्टाफ और हेडमास्टर मो. छोटू ने यह जांचना तक जरूरी नहीं समझा कि सभी छात्र बाहर निकल चुके हैं या नहीं। स्कूल बंद होने के कुछ समय बाद समर की नींद खुली और वह डर से चिल्लाने लगा।
क्लास से बाहर निकलने की कोशिश में उसने खिड़की के रास्ते बाहर जाना चाहा, लेकिन लोहे की ग्रील में बुरी तरह फंस गया। वह घंटों तक वहीं फंसा रहा, रोता-चिल्लाता रहा – लेकिन कोई उसकी आवाज़ सुन नहीं पाया।
29 हजार नई बहालियां और 3 गुना बढ़ा मानदेय! आशा कार्यकर्ताओं को मिली बड़ी सौगात
ताला तोड़कर बचाया गया बच्चा, परिजनों ने जताया गुस्सा
शाम तक समर के घर न पहुंचने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने स्कूल का रुख किया। वहां से आती चीखें सुन स्थानीय लोग भी इकट्ठा हो गए और स्कूल का ताला तोड़ा गया। बच्चा खिड़की में फंसा हुआ मिला, जिसे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।
हालांकि समर अब सुरक्षित है, लेकिन इस घटना ने इलाके में रोष फैला दिया है। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने घटना की कड़ी निंदा की है और दोषी स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह महज भूल नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है।
प्रशासन और शिक्षा विभाग की निष्क्रियता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अगर समय रहते बच्चा बाहर नहीं निकाला गया होता, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
बिहार में 131 करोड़ का बालू घोटाला: नेताओं की भूमिका पर उठे सवाल, ED ने खोला राज
क्या है आगे की कार्रवाई?
इस पूरे मामले को लेकर अभी तक शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन इलाके में लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि यदि ऐसी घटनाओं पर सख्ती नहीं दिखाई गई, तो यह भविष्य में और बड़े हादसे को जन्म दे सकती है।


