उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस ने एक हाईटेक सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो न केवल कैश बल्कि ऑनलाइन पेमेंट से भी संचालित हो रहा था। चिलुआताल थाना क्षेत्र के मिलेनियम सिटी, करीमनगर के एक मकान में चल रहे इस रैकेट में एक नाबालिग लड़की समेत दो युवतियां, एक महिला और दो पुरुष को पकड़ा गया है।
इस रैकेट में QR कोड के जरिए ग्राहकों से पेमेंट ली जाती थी। पुलिस को मौके से PhonePe QR Code Card मिला, जिस पर ‘बृजेश’ नाम लिखा था। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि नाबालिग और युवती को परिजनों को सौंप दिया गया।
CO कैंपियरगंज की अगुवाई में की गई छापेमारी
CO कैम्पियरगंज विवेक कुमार तिवारी को रविवार रात सूचना मिली कि मिलेनियम सिटी के एक मकान में देह व्यापार चल रहा है। उन्होंने थाना प्रभारी अतुल श्रीवास्तव संग टीम बनाकर स्पोर्ट्स कॉलेज चौराहे के पास दबिश दी। पुलिस ने मौके से बृजेश कुमार साहनी उर्फ विजय, प्रेम साहनी और अनीता उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार किया।
मकान मालिक की भूमिका संदिग्ध, जांच जारी
पुलिस जांच में सामने आया कि मकान को किराये पर लेकर रैकेट चलाया जा रहा था। आरोपी बृजेश और अनीता ने फर्जी आधार कार्ड के जरिए मकान किराए पर लिया। अनीता ने खुद को बृजेश की पत्नी बताकर मकान मालिक को झांसे में रखा।
आधे पैसे बृजेश और अनीता का कमीशन
पुलिस को मिले QR कोड को स्कैन करने पर बृजेश का नाम सामने आया। अनीता ने पुलिस को बताया कि ग्राहकों से मिलने वाले पैसों का आधा हिस्सा बृजेश और उसे कमीशन के तौर पर मिलता था। बिट्टू उर्फ अनीता ने यह भी कबूला कि वही लड़कियों को देह व्यापार के लिए बुलाती थी।
आरोपियों से मिली नकदी और फर्जी दस्तावेज
पुलिस ने आरोपियों के पास से चार फर्जी आधार कार्ड, बृजेश के पास 250 रुपये और अनीता के पास 3200 रुपये बरामद किए हैं। साथ ही दो युवतियों में एक 20 वर्षीय युवती महराजगंज की रहने वाली है, जबकि दूसरी 17 वर्षीय नाबालिग शाहपुर इलाके की है। दोनों ने बताया कि बिट्टू ने उन्हें बुलाया था।
जांच में जुटी पुलिस, मकान मालिक पर भी शिकंजा कसने की तैयारी
फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और मकान मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यह भी पड़ताल हो रही है कि कहीं इस गिरोह का नेटवर्क अन्य शहरों में तो नहीं फैला है।


