Jamshedpur: झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री Ramdas Soren और छात्राओं के बीच हुए बहुचर्चित सवाल-जवाब और घेराव प्रकरण का अंत अब छात्रों के हक में हुआ है। Governor of Jharkhand ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए एक अहम निर्णय सुना दिया है, जिससे 12वीं के छात्रों को बड़ी राहत मिली है। अब वे उसी कॉलेज से अपनी पढ़ाई और परीक्षा पूरी कर सकेंगे, जहां उनका नामांकन पहले से हुआ था।
Saryu Roy ने दी जानकारी
Jamshedpur West से विधायक Saryu Roy ने इस आदेश की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने राज्यपाल और शिक्षा मंत्री दोनों को धन्यवाद देते हुए लिखा,
“नई शिक्षा नीति के आलोक में जारी आदेश में संशोधन के लिए माननीय राज्यपाल को हार्दिक धन्यवाद। स्कूली शिक्षा मंत्री Ramdas Soren को वादा पूरा करने के लिए बधाई। 12वीं कक्षा के विद्यार्थी अब उसी सरकारी कॉलेज से पढ़ाई कर सकेंगे जहां उनका नामांकन है।”
इस ट्वीट के बाद छात्रों और अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
Ramdas Soren से हुआ था सीधा सवाल-जवाब
8 जुलाई को Jamshedpur के Michael John Auditorium में आयोजित छात्र सम्मान समारोह के दौरान छात्राओं ने शिक्षा मंत्री Ramdas Soren को घेर लिया था। छात्रों ने उनसे सवाल किया,
“सर, आपने ही कहा था दिल्ली में प्रदर्शन करो… अब जब कॉलेज शिफ्ट हो रहा है तो छह महीने कहां जाएं?”
भीड़ और कैमरों की मौजूदगी में Soren जवाब नहीं दे पाए और मौके से धीरे से खिसक गए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिससे मंत्री की काफी आलोचना भी हुई।
क्या था पूरा मामला?
झारखंड सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत इंटर की पढ़ाई अब स्कूलों में कराई जाएगी। इसका सीधा असर उन छात्रों पर पड़ा, जो फिलहाल इंटर कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं। खासकर 12वीं के छात्रों के लिए यह बदलाव अचानक आया, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य संकट में आ गया।
छात्रों की मांग थी कि जब तक नीति पूरी तरह लागू नहीं हो जाती, उन्हें अपने मौजूदा कॉलेज में ही पढ़ाई करने दी जाए। वे चाहते थे कि सत्र के बीच में कॉलेज शिफ्टिंग न की जाए। इस संबंध में उन्होंने Ramdas Soren को ज्ञापन सौंपते हुए भरोसा मांगा था।
अब Governor के आदेश के बाद छात्राओं की मांग पूरी हो चुकी है और यह फैसला झारखंड के हजारों छात्रों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।


