आयुर्वेद कहता है कि हमारा खानपान और जीवनशैली मौसम के साथ तालमेल में होना चाहिए। खासकर गर्मियों में पित्त दोष (Pitta Dosha) बढ़ने से शरीर में कई तरह की समस्याएं जैसे फुंसी, एसिडिटी, हीट रैशेज़ और हार्टबर्न देखने को मिलती हैं। ऐसे में शरीर का तापमान नियंत्रित करने और सेहत को संतुलित रखने के लिए आयुर्वेदिक टिप्स बेहद फायदेमंद हैं।
1. गरम मसालों से दूरी बनाएँ
लाल मिर्च, लहसुन, काली मिर्च जैसे मसाले शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं। इनकी जगह धनिया, इलायची और हरी धनिया जैसे ठंडक देने वाले मसाले इस्तेमाल करें।
2. तीखा, खट्टा और मसालेदार भोजन कम करें
गर्मी में खट्टे और ज्यादा तीखे खाने से शरीर का पित्त बढ़ता है। इसकी जगह चावल, गेहूं, नारियल और घी जैसे ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें।
3. आइस-कोल्ड और प्रोसेस्ड ड्रिंक्स से बचें
बाजार में मिलने वाले कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस और मिल्कशेक भले ही ठंडे लगें लेकिन यह पाचन को कमजोर कर शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ाते हैं।
4. खट्टे फलों से परहेज करें
खट्टे फलों की बजाय अंगूर, मीठा आम, अनार, सेब और नाशपाती जैसे फल खाएँ। ध्यान रहे कि अलग-अलग फल खाने में 30 मिनट का गैप रखें।
5. नारियल पानी पिएँ
गर्मियों में नारियल पानी सबसे बेहतरीन नैचुरल कूलेंट है। यह शरीर को हाइड्रेट रखता है और अंदर से ठंडक पहुँचाता है।
6. किण्वित (Fermented) खाद्य पदार्थ न खाएँ
अचार, दही, पनीर, ब्रेड और सोया उत्पाद पित्त बढ़ाते हैं और पेट की जलन या गैस का कारण बनते हैं।
7. तेज धूप और ज्यादा मेहनत से बचें
दोपहर के समय धूप में ज्यादा मेहनत वाले काम न करें। एक्सरसाइज सुबह या शाम को ही करें।
8. सामान्य तापमान का पानी पिएँ
फ्रिज का ठंडा पानी पचने में मुश्किल होता है। कमरे के तापमान का पानी पिएँ और उसमें पुदीना या गुलाबजल की कुछ बूँदें डाल सकते हैं।
9. हल्के और सूती कपड़े पहनें
सफेद, नीले या हल्के रंग के कॉटन कपड़े शरीर को ठंडा रखते हैं। गहरे रंग की ड्रेस गर्मी सोख लेती है, इन्हें अवॉयड करें।
10. ठंडक देने वाली मसाज करें
स्नान से पहले 20 मिनट नारियल तेल से हल्की मसाज करने से शरीर में ठंडक आती है और त्वचा भी पोषित होती है।



