PM मोदी की UAE यात्रा में स्ट्रेटजिक एनर्जी डील, भारत के पेट्रोलियम रिजर्व में जमा होगा UAE का तेल

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India Uae Energy Deal 30 Million Barrels Petroleum Reserve
India Uae Energy Deal 30 Million Barrels Petroleum Reserve (PC: BBN24/Social Media)

प्रधानमंत्री Narendra Modi की अबूधाबी यात्रा के दौरान भारत और यूएई के बीच ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी रणनीतिक डील हुई है।

इस समझौते के तहत United Arab Emirates अब भारत के स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व में 3 करोड़ बैरल तक कच्चा तेल स्टोर कर सकेगा। यह सहमति पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद बनी।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा बड़ा सहारा

भारत के विदेश सचिव Vikram Misri ने बताया कि यह समझौता Indian Strategic Petroleum Reserves Limited और Abu Dhabi National Oil Company (ADNOC) के बीच हुआ है।

इस डील के जरिए भारत अपने रणनीतिक तेल भंडार को और मजबूत करेगा, जिससे वैश्विक संकट या तेल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में देश को राहत मिलेगी।

गैस भंडारण और LPG सप्लाई पर भी समझौता

दोनों देशों ने भारत में रणनीतिक गैस भंडार विकसित करने पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा Indian Oil Corporation और ADNOC के बीच लंबी अवधि के लिए LPG सप्लाई एग्रीमेंट भी हुआ है।

भारत और यूएई ने LNG, LPG और कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।

5 अरब डॉलर निवेश की घोषणा

यूएई ने भारत में 5 अरब डॉलर निवेश की भी घोषणा की है। यह निवेश बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय क्षेत्रों में किया जाएगा।

इसमें एमिरेट्स NBD बैंक का RBL बैंक में निवेश, अबूधाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी का नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड में निवेश और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी का समन कैपिटल में निवेश शामिल है।

डिफेंस, शिपबिल्डिंग और AI सेक्टर में भी सहयोग

दोनों देशों के बीच रक्षा निर्माण, समुद्री सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को लेकर भी कई अहम समझौते हुए।

Cochin Shipyard Limited और दुबई की ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के बीच वाडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर बनाने पर सहमति बनी है।

इसके अलावा भारत और यूएई ने भारत में 8-एक्साफ्लॉप सुपरकंप्यूटिंग सुविधा स्थापित करने के लिए भी टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे भारत के AI मिशन को मजबूती मिलेगी।

होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर साझा चिंता

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच दोनों देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी सहमति जताई।

भारत ने यूएई पर हाल में हुए हमलों की निंदा करते हुए संकट की स्थिति में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।

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