OBC Reservation: कोलकाता. पश्चिम बंगाल सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने नई अधिसूचना जारी करते हुए राज्य में 66 जातियों के लिए लागू अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण में बड़ा बदलाव किया है. सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 17 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है. यह फैसला राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद लिया गया, जिसमें मुस्लिम समुदायों को मिलने वाले ओबीसी आरक्षण लाभ को अस्थायी रूप से समाप्त करने का निर्णय लिया गया था.
पहले वाममोर्चा और बाद में तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान राज्य में ओबीसी आरक्षण को बढ़ाकर 17 प्रतिशत किया गया था. इस व्यवस्था को ओबीसी-ए और ओबीसी-बी श्रेणियों में विभाजित किया गया था, जिसमें कई Muslim समुदायों को भी शामिल किया गया था.
आरक्षण व्यवस्था में बताई गई कानूनी खामियां
राज्य की भाजपा सरकार का दावा है कि पिछली आरक्षण व्यवस्था में कई कानूनी और सर्वेक्षण संबंधी खामियां थीं. नबान्न के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, संशोधित नीति का उद्देश्य वास्तव में पिछड़े हिंदू समुदायों को आरक्षण का उचित लाभ पहुंचाना है.
नई नीति के तहत मुस्लिम समुदायों को पूरी तरह ओबीसी सूची से बाहर कर दिया गया है. इससे पहले ओबीसी-ए और ओबीसी-बी दोनों श्रेणियों में कई मुस्लिम जातियां शामिल थीं.
पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
मुस्लिम ओबीसी आरक्षण पर अदालत की टिप्पणी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पहले कई मुस्लिम समुदायों को ओबीसी सूची में शामिल किये जाने की प्रक्रिया को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया था. बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. राज्य सरकार का कहना है कि भारतीय संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण देने की अनुमति नहीं देता.
सरकार ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम ओबीसी आरक्षण को स्थगित करने का फैसला अदालत की टिप्पणियों और कानूनी दायित्वों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. नई व्यवस्था को सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया में तत्काल प्रभाव से लागू किया जायेगा.

