West Bengal Cabinet News: यह बंगाल के इतिहास में पहली बार हुआ है जब मंत्रिमंडल में मुस्लिम समुदाय का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।
शपथ ग्रहण में किन्हें मिला मौका?
Kolkata के Brigade Parade Ground में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari के साथ 5 अन्य मंत्रियों ने शपथ ली।
इनमें महिला, आदिवासी, मतुआ और अन्य समुदायों के नेताओं को शामिल किया गया, लेकिन मुस्लिम चेहरा नजर नहीं आया।
ममता सरकार में था मजबूत प्रतिनिधित्व
पिछली All India Trinamool Congress (TMC) सरकार में Mamata Banerjee ने मुस्लिम समाज से 7 नेताओं को मंत्री बनाया था।
- 4 कैबिनेट मंत्री
- 3 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
यह उस समय सामाजिक संतुलन का बड़ा उदाहरण माना गया था।
बीजेपी के पास क्यों नहीं है मुस्लिम मंत्री?
दरअसल, इस बार चुनाव में भाजपा ने किसी भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया था। यही कारण है कि उसके 200+ विधायकों में एक भी मुस्लिम विधायक नहीं है, और इसका असर सीधे मंत्रिमंडल पर पड़ा है।
किन नेताओं ने ली शपथ?
मुख्यमंत्री के साथ जिन नेताओं ने शपथ ली, उनमें Dilip Ghosh, अग्निमित्रा पॉल, अशोक किर्तनिया, खुदीराम टुडू और नीशीथ प्रमाणिक शामिल हैं।
भाजपा की ऐतिहासिक जीत
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने पहली बार सत्ता हासिल करते हुए 207 सीटों के साथ दो-तिहाई बहुमत प्राप्त किया। वहीं All India Trinamool Congress (TMC) 80 सीटों पर सिमट गई।
निष्कर्ष
Suvendu Adhikari सरकार का यह मंत्रिमंडल राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय माना जा रहा है। हालांकि, मुस्लिम प्रतिनिधित्व न होने को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है, जो आने वाले समय में और बढ़ सकती है।

