7 सितंबर 2025 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर साल का अंतिम चंद्र ग्रहण लगेगा। खगोलविदों के अनुसार यह ग्रहण भारत समेत दुनिया के करीब 85% हिस्से में दिखाई देगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान किए गए जप-तप और दान का कई गुना फल प्राप्त होता है।
चंद्र ग्रहण का समय
- स्पर्श (शुरुआत): रात 9:57 बजे
- मध्य काल: रात 11:41 बजे
- मोक्ष (समाप्ति): रात 1:27 बजे
- सूतक काल प्रारंभ: दोपहर 12:58 बजे से
चंद्र ग्रहण के दौरान करें ये 7 उपाय
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान व शुद्धिकरण करें।
- तुलसी मंत्र का जाप करें।
- गीता का पाठ करना शुभ है।
- भगवान के नाम का स्मरण करें।
- पानी व भोजन में तुलसी की पत्तियां डालें।
- भगवान शिव की विशेष पूजा करें।
- सूतक से पहले गर्भवती महिलाओं और घर की वस्तुओं पर गेरू डालें।
ग्रहण में न करें ये काम
- सूतक काल में भोजन से बचें (वृद्ध व बीमार अपवाद)।
- गर्भवती महिलाएं फल, सब्जियां काटने और नुकीली वस्तुओं का प्रयोग न करें।
धार्मिक महत्व
धर्मशास्त्रों में ग्रहण को विशेष अवसर माना गया है। मान्यता है कि इस काल में की गई भक्ति, मंत्रजाप और दान कई गुना फल देता है। वहीं, ग्रहण समाप्त होने के बाद दान करना नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति दिलाता है।



