Bihar Teacher Strike: सिवान में शिक्षकों की भूख हड़ताल बनी बड़ा आंदोलन

सैकड़ों शिक्षक शिक्षा विभाग की अनियमितताओं और बेलगाम अफसरशाही के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे, नेताओं और संगठनों का मिला समर्थन

Fevicon Bbn24
Bihar Teachers Hunger Strike Against Education Department Corruption
(Image Source: Social Media Sites)

Bihar Teacher Strike: बिहार के Siwan जिले में सोमवार, 2 जून से Bihar Rajya Arakshit Prarambhik Shikshak Sangh के बैनर तले सैकड़ों शिक्षक Dr. Bhimrao Ambedkar Statue Campus, Gopalganj Mod पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। इस हड़ताल का मकसद सिर्फ वेतन या सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भ्रष्टाचार, अफसरशाही, और शिक्षा विभाग की अनियमितताओं के खिलाफ निर्णायक जंग बन चुका है।

भ्रष्टाचार और अधिकारों की अनदेखी से नाराज़ शिक्षक

आंदोलन का नेतृत्व Rakesh Kumar Singh कर रहे हैं, जबकि संचालन Sanjay Singh और अध्यक्षता Ashok Kumar Prasad ने की। शिक्षकों का कहना है कि यह आंदोलन आने वाली पीढ़ी के शिक्षकों और छात्रों के भविष्य के लिए है। उनकी प्रमुख शिकायतें हैं:

  • 2015-17 और 2016-18 बैच के नियमित प्रशिक्षित शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से वैचारिक लाभ मिलना चाहिए
  • 13,000 शिक्षकों के खातों से कटी EPF राशि की तत्काल जमा प्रक्रिया हो
  • 34,540 से नियुक्त शिक्षकों के NPS योगदान की व्यवस्था
  • मातृत्व और चिकित्सा अवकाश का शीघ्र भुगतान
  • दक्षता पास शिक्षकों के बकाया का समाधान
  • स्कूलों में चावल वितरण घोटाले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई

नेताओं और संगठनों का आंदोलन को समर्थन

इस आंदोलन को सामाजिक और राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। प्रमुख समर्थकों में शामिल हैं:

  • विधायक Amarjeet Kushwaha (Ziradei)
  • कांग्रेस जिलाध्यक्ष Sushil Kumar
  • राजद जिलाध्यक्ष Bipin Kushwaha
  • भाकपा माले के सचिव Hansnath Ram
  • कांग्रेस नेता Ashok Kumar Singh
  • संगठन: AIYF, RJD, CPI, CPI(M) के जिला प्रतिनिधि

Amarjeet Kushwaha ने इस मौके पर कहा, “यह सिर्फ शिक्षकों की नहीं, बल्कि बेलगाम अफसरशाही के खिलाफ लोकतांत्रिक लड़ाई है।”

शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

Ashok Kumar Prasad ने मंच से कहा कि अगर शिक्षक प्रताड़ित होंगे, तो शिक्षा व्यवस्था कैसे सुधरेगी? यह आंदोलन सरकारी स्कूलों की आत्मा को बचाने की जद्दोजहद है। वक्ताओं ने ज़ोर देकर कहा कि शिक्षा व्यवस्था की असफलता का आईना यही संघर्ष है। शिक्षक सम्मान और सुविधा के हकदार हैं, और अगर उन्हें ही परेशान किया जाएगा, तो राज्य की शिक्षा व्यवस्था बर्बाद हो जाएगी।

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