उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में अवैध धर्मांतरण का ऐसा जाल सामने आया है जिसने प्रदेशभर में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जांच में अब तक 97 युवतियों के लापता होने का खुलासा हुआ है। इन युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरण कराने और जबरन शादी करवाने जैसे आरोप सामने आए हैं।
आगरा से शुरू हुआ खुलासा, अलीगढ़ में फैला जाल
गिरोह का खुलासा तब हुआ जब आगरा से Umar Gautam को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि वह अलीगढ़ में भी बड़ा नेटवर्क चला रहा था। अलीगढ़ के सदर थाने में मार्च 2025 में दो बहनों के लापता होने की शिकायत हुई थी। जांच में जब सोशल मीडिया से एक बहन की AK-47 लिए तस्वीर सामने आई तो पुलिस को शक गहरा गया। यहीं से खुला इस अंतरराज्यीय गिरोह का रहस्य।
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सोशल मीडिया से डार्क वेब तक, ऐसे फंसाते थे युवतियों को
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह सोशल मीडिया, मोबाइल ऐप्स और डार्क वेब का इस्तेमाल करता था। युवतियों को पहले प्रेम जाल में फंसाया जाता, फिर ब्लैकमेल कर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता था। गिरोह इतने गोपनीय तरीके से काम करता कि एक टीम को दूसरी की खबर नहीं होती थी।
गिरोह के तार आतंक संगठनों से जुड़े, विदेशी फंडिंग का भी पर्दाफाश
पुलिस महानिदेशक Rajeev Krishna ने बताया कि गिरोह का संबंध PFI, SIMI और Lashkar-e-Taiba जैसे प्रतिबंधित संगठनों से है। कनाडा, अमेरिका, लंदन और दुबई से हवाला के जरिये फंडिंग होती थी। गिरोह के कुख्यात सदस्य Ayesha (असली नाम SB Krishna), Ali Hasan उर्फ Shekhar Rai, और Mohammad Ali को विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार किया गया है।
97 युवतियों के गायब होने की बड़ी साजिश?
जांच में खुलासा हुआ है कि अलीगढ़ और आस-पास से 97 महिलाएं लापता हैं। पुलिस को शक है कि ये महिलाएं धर्मांतरण गिरोह की शिकार बनी हैं। कई महिलाओं को शादी के लिए मजबूर किया गया तो कुछ के साथ अमानवीय व्यवहार की खबरें हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियां दिन-रात इन युवतियों को तलाशने में जुटी हैं।
मिशन अस्मिता: योगी सरकार की सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए ‘मिशन अस्मिता’ की शुरुआत की है। आगरा पुलिस ने 7 विशेष टीमें बनाकर देशभर में छापेमारी की और अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने कई धाराओं में केस दर्ज किया है।
ISIS की तर्ज पर काम करता था गिरोह
DGP Rajeev Krishna ने कहा कि गिरोह का कामकाज ISIS जैसे आतंकी संगठनों जैसा था। हवाला और डार्क वेब के जरिये यह संगठन धार्मिक कट्टरता और जनसंख्या परिवर्तन की साजिश रचता था। इस केस ने पूरे प्रदेश में धर्मांतरण गिरोहों की जड़ें तलाशने की चुनौती खड़ी कर दी है।


