पटना में बेखौफ अपराधियों का तांडव: बाइक सवार दो युवकों को मारी गोली, हरिओम की मौत, रवि घायल

राजधानी में एक बार फिर अपराधियों ने कानून व्यवस्था को दी खुली चुनौती, फतुहा में सरेराह चली गोलियां, इलाके में सनसनी

Patna Bike Shooting Hariom Murder Case
(Image Source: Social Media Sites)

बिहार की राजधानी पटना से एक बार फिर खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फतुहा थाना क्षेत्र के बांकीपुर मुंडेरा इलाके में शनिवार तड़के हथियारबंद अपराधियों ने बाइक सवार दो युवकों को गोलियों से भून डाला। इस हमले में हरिओम नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रवि कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया।

मॉर्निंग वॉक पर निकले ग्रामीणों की नजर पड़ी, पुलिस को दी सूचना

घटना सुबह उस वक्त हुई जब कुछ ग्रामीण मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। सड़क किनारे लहूलुहान पड़े युवकों को देखकर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल रवि को PMCH (Patna Medical College Hospital) भेजा गया, वहीं हरिओम का शव Nalanda Medical College में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

हरिओम करता था फॉल्स सीलिंग का काम, रात में बाइक से निकला था

मृतक हरिओम की पहचान धमौल गांव, परसा बाजार थाना क्षेत्र, पटना के निवासी के रूप में हुई है। वह फॉल्स सीलिंग का काम करता था और घटना की रात अपने सहयोगी रवि कुमार के साथ बाइक से बांकीपुर मुंडेरा क्षेत्र से गुजर रहा था। तभी हथियारबंद अपराधियों ने उन्हें निशाना बना लिया।

हत्या या लूट? पुलिस के सामने कई सवाल

मृतक के भाई राजेश कुमार ने बताया कि हरिओम शुक्रवार शाम 4 बजे घर से निकला था और फिर नहीं लौटा। शनिवार सुबह 6 बजे उन्हें भाई की हत्या की सूचना मिली। उन्होंने बताया कि हरिओम के गले से सोने का लॉकेट, मोबाइल फोन और स्प्लेंडर बाइक भी गायब है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि लूट के इरादे से हत्या की गई है, हालांकि पुलिस अभी इस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस ने शुरू की गहन छानबीन, थानाध्यक्ष बोले- कुछ कहना जल्दबाजी

फतुहा थानाध्यक्ष रूपक कुमार अंबुज ने मीडिया से बात करने से इनकार करते हुए केवल यही कहा कि पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। घायल रवि कुमार के बयान के बाद ही हत्या की असली वजह सामने आ सकेगी।

सवाल वही: क्या वाकई खत्म हुआ जंगलराज?

बिहार में नीतीश कुमार की सरकार भले ही अपराध नियंत्रण के दावे करती हो, लेकिन घटनाएं कुछ और ही बयां कर रही हैं। खुलेआम युवकों की हत्या ने लोगों के मन में एक बार फिर जंगलराज की वापसी का डर बैठा दिया है।

Share This Article
Exit mobile version