बिहार की राजनीति में शराबबंदी एक बार फिर बड़ा मुद्दा बन गई है। जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर द्वारा सरकार बनने पर फौरन शराबबंदी खत्म करने के ऐलान के बाद, जेडीयू महासचिव मनीष वर्मा ने उन पर सीधा हमला बोल दिया।
मधुबनी के लौकहा विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए वर्मा ने कहा – “गांधी जी खुद शराबबंदी के पक्षधर थे और ये नेता दावा करते हैं कि आते ही शराब की धारा बहा देंगे। पहचानिए इस दगाबाज को।”
प्रशांत किशोर पर पैसों को लेकर सवाल
जेडीयू महासचिव यहीं नहीं रुके। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा – “कितना पैसा लिए हो शराब ठेका वालों से? क्या उसी पैसे से पार्टी का प्रचार चला रहे हो? यही चाहते हो कि बिहार के बच्चे, पिता और पति सब नशे में डूब जाएं?”
शराबबंदी का पुराना विवाद
बता दें कि 2016 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में शराबबंदी लागू की थी। इस कानून के तहत लाखों गिरफ्तारियां हुईं और अदालतों पर मुकदमों का बोझ बढ़ा। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर टिप्पणी की थी।
हालांकि विपक्ष लगातार इसे नाकाम बताता रहा है और प्रशांत किशोर का कहना है कि “गांधी जी ने कभी शराबबंदी को कानून बनाने की बात नहीं कही थी, बल्कि लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया था।”
राजनीति में गरमाहट
बिहार चुनाव 2025 से पहले शराबबंदी पर बढ़ती बहस साफ संकेत दे रही है कि यह मुद्दा एक बार फिर चुनावी हवा को गर्म करने वाला है। जहां जेडीयू शराबबंदी को गांधी विचारधारा से जोड़ रही है, वहीं प्रशांत किशोर इसे एक असफल प्रयोग बताकर खत्म करने की तैयारी जता रहे हैं।



