बिहार के सारण जिले के छपरा में विजिलेंस विभाग की टीम ने सोमवार को भू-अर्जन कार्यालय के क्लर्क आकाश मुकुंद को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह मामला भारत माला प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है, जिससे कार्यालय में हड़कंप मच गया।
शिकायत पर हुई कार्रवाई
विजिलेंस विभाग के पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार के अनुसार, सोनपुर गोविन्दचक निवासी हर्षवर्धन कुमार सिंह की जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) निर्माण के तहत अधिग्रहित की गई थी। इसके एवज में उन्हें 16 लाख रुपये का मुआवजा मिला था। क्लर्क आकाश मुकुंद ने इस राशि का 2 प्रतिशत घूस के रूप में मांगा। डील 30 हजार रुपये में तय हुई थी।
पैसों के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी
सोमवार को जैसे ही मुकुंद ने याचिकाकर्ता से तयशुदा रकम ली, विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसकी जेब से बरामद कैश का मौके पर ही मिलान किया गया, जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया।
भारत माला प्रोजेक्ट से जुड़ी घूसखोरी
याचिकाकर्ता का आरोप है कि भारत माला प्रोजेक्ट के तहत नए भूमि अधिग्रहण में भुगतान रोका जा रहा था और पुराने भुगतान में से 2 प्रतिशत की घूस की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने इस पूरे मामले की जांच शुरू की और आज आरोपी को पकड़ने में सफलता पाई।
कार्यालय में मचा हड़कंप
विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद भू-अर्जन कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल है। टीम अब मामले की गहन जांच में जुटी है।


