पटना: बिहार में आधुनिक और तेज सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य कैबिनेट ने रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के तहत पटना से चार प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली रैपिड रेल परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार कराने की मंजूरी दे दी है।
इन चार रूटों पर चलेगी रैपिड रेल
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, रैपिड रेल के लिए चार प्रमुख कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं:
- पटना – हाजीपुर – सोनपुर – मुजफ्फरपुर
- पटना – बेगूसराय
- पटना – आरा
- पटना – गया
इन कॉरिडोर के विकसित होने से पटना और आसपास के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में आधुनिक एवं तीव्र सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।
राज्य के चार प्रमुख कॉरिडोर में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के निर्माण हेतु अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR)…
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) July 8, 2026
NCRTC तैयार करेगा DPR
सरकार ने इस परियोजना की ऑल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) और डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NCRTC) को सौंपी है। यही संस्था दिल्ली-एनसीआर में रैपिड रेल परियोजनाओं का संचालन और विकास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया बड़ा कदम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि रैपिड रेल परियोजना बिहार के सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा, यात्रा का समय कम होगा और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
यात्रियों को मिलेगा तेज और सुरक्षित सफर
सरकार का मानना है कि RRTS शुरू होने के बाद पटना से जुड़े शहरों के बीच आवागमन आसान होगा। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, छात्रों, कर्मचारियों और व्यापारियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
AIIMS पटना के विस्तार को भी मंजूरी
कैबिनेट बैठक में AIIMS पटना के विस्तार को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत दानापुर के भूसौला क्षेत्र में करीब 26.76 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इस परियोजना पर लगभग ₹348.90 करोड़ खर्च किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को और मजबूती मिलेगी।

