बिहार में एक करोड़ नौकरियों के ऐलान पर सियासत गरमा गई है। कैबिनेट से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। तेजस्वी ने तंज कसते हुए पूछा- “सरकार बताए कि इतनी नौकरियों के लिए पैसा कहां से आएगा?” उन्होंने इसे चुनावी हथकंडा करार दिया और सरकार को ‘नकलची’ बताते हुए जनता को सचेत रहने की सलाह दी।
तेजस्वी यादव ने सरकार पर बोला हमला
राज्य सरकार ने कैबिनेट की बैठक में अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नई नौकरी और रोजगार देने के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। लेकिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसपर कड़ी प्रतिक्रिया दी। तेजस्वी ने कहा- “इन लोगों ने आज तक कोई भी वादा पूरा नहीं किया है। नकलची सरकार सिर्फ घोषणा करती है, पूरा कुछ नहीं होता। नीतीश कुमार कभी खुद सामने आकर जवाब नहीं देते। अब चुनाव सामने है तो लोगों को भरमाने के लिए ये नए-नए वादे कर रहे हैं।”
तेजस्वी ने आगे मीडिया से भी सवाल किया- “आप लोग क्यों नहीं पूछते कि एक करोड़ नौकरी के लिए फंड कहां से आएगा? इतनी बड़ी घोषणा बिना बजट और योजना के कैसे संभव है?”
राहुल गांधी के बयान का समर्थन
तेजस्वी यादव ने Rahul Gandhi के उस बयान का भी समर्थन किया जिसमें उन्होंने बिहार को ‘क्राइम कैपिटल’ कहा था। तेजस्वी बोले- “राहुल जी ने बिल्कुल सही कहा है। बिहार में हर दिन हत्या, अपहरण और रेप जैसी घटनाएं हो रही हैं। प्रशासन पूरी तरह विफल है। लेकिन कोई पूछने वाला नहीं है, सब चुप हैं। राज्य की जनता इसका जवाब जरूर देगी।”
चुनाव से पहले सियासी वादों की बौछार
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। नीतीश सरकार का एक करोड़ नौकरियों का ऐलान जहां युवाओं के लिए उम्मीद जगाता है, वहीं विपक्ष इसे जुमला बताकर जनता को आगाह कर रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इस वादे को अमलीजामा पहनाती है या फिर यह भी बाकी वादों की तरह कागजों में ही रह जाएगा।


