पटना: इस साल दुर्गा पूजा पर बिहार पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना लाइसेंस किसी भी पंडाल की स्थापना, शोभायात्रा या मूर्ति विसर्जन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इतना ही नहीं, हर जुलूस की वीडियोग्राफी भी अनिवार्य कर दी गई है।
राज्य में हर साल करीब 15 से 16 हज़ार मूर्तियां स्थापित होती हैं और इस बार भी इतने ही पंडालों की उम्मीद है। विधानसभा चुनाव को देखते हुए पुलिस किसी भी लापरवाही के मूड में नहीं है।
सभी थानों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। बड़े इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात होगी, मुख्य मार्गों पर लगातार गश्त चलेगी और अंधेरे वाले इलाकों में रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर मजिस्ट्रेट की तैनाती भी होगी।
नेपाल बॉर्डर से लेकर सोशल मीडिया तक निगरानी
बिहार-नेपाल सीमा समेत अन्य राज्यों से सटी सीमाओं पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 127 बॉर्डर पुलिस थानों को विशेष चेकिंग के आदेश मिले हैं। नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) की तैनाती की गई है।
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और plainclothes पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगे। संदिग्ध लोगों से शांति भंग न करने का बांड भरवाया जा रहा है।
ऑनलाइन गतिविधियों पर पैनी नजर
त्योहार के दौरान सोशल मीडिया और ऑनलाइन गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सोशल मीडिया कमांड सेंटर और साइबर यूनिट हर पोस्ट पर नज़र रखेगी। किसी भी भड़काऊ कंटेंट या ऑनलाइन ठगी पर तुरंत कार्रवाई होगी।
पुलिस मुख्यालय में 24 घंटे का कंट्रोल रूम बनाया गया है। डीजीपी विनय कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। उन्होंने चेतावनी दी है कि शांति भंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


