पटना: सोमवार को अटल पथ पर हुआ बवाल अचानक नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। पटना एसएसपी ने खुलासा किया है कि इस हिंसा के पीछे वार्ड पार्षद और वकील श्वेत रंजन की भूमिका रही। इन दोनों ने बाहर से लोगों को किराए पर बुलाकर आगजनी और पत्थरबाजी करवाई थी।
वकील ने बनाई पूरी प्लानिंग
एसएसपी के अनुसार, दो बच्चों की मौत के बाद वकील श्वेत रंजन ने वार्ड पार्षद टूटु से मुलाकात कर हंगामे की प्लानिंग की। उनका मकसद राजनीतिक लाभ उठाने के साथ मुआवजे की राशि में हिस्सा पाना था। इसके लिए पटना के हरिहर चैंबर में बैठक हुई और उसी दौरान बाहर से लोगों को बुलाने की योजना बनी। यहां तक कि महिलाओं को भी इसमें शामिल किया गया था।
बच्चों के परिवार का इस्तेमाल
पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़ित परिवार का इस साजिश से कोई लेना-देना नहीं था। उन्हें सिर्फ इस्तेमाल किया गया ताकि हंगामे को जायज़ ठहराया जा सके और sympathy हासिल की जा सके।
दो लाख की डील में हुई पूरी साजिश
एसएसपी ने बताया कि वार्ड पार्षद टूटु ने इस पूरे बवाल के लिए दो लाख रुपये की डील की थी। इसमें से आठ लोगों को पैसा दिया गया था, जिन्हें निर्देश दिया गया कि वे अटल पथ पर पत्थरबाजी और आगजनी करें।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने दोनों मुख्य षड्यंत्रकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि वकील श्वेत रंजन पहले भी इस तरह के हंगामों में शामिल रह चुका है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।


