पटना में 51 दिनों से धरने पर बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती के अभ्यर्थी, थाली पीटकर जताया विरोध

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Bihar Police Driver Recruitment Candidates Protest Patna 1200 Vacant Seats
Bihar Police Driver Recruitment Candidates Protest Patna 1200 Vacant Seats (PC: BBN24/Social Media)

Bihar Police Driver Recruitment: बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती में खाली रह गई महिला आरक्षित सीटों को भरने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर पिछले 51 दिनों से प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने सोमवार को थाली पीटकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में 1200 से अधिक रिक्त सीटों को योग्य पुरुष उम्मीदवारों से भरने पर विचार किया जाना चाहिए।

1200 से अधिक खाली सीटें भरने की मांग

बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती के अभ्यर्थियों की मुख्य मांग महिला आरक्षण के तहत खाली रह गई 1200 से अधिक सीटों को भरने की है। उनका कहना है कि यदि भर्ती नियम इसकी अनुमति देते हैं, तो संबंधित श्रेणियों के योग्य पुरुष अभ्यर्थियों को इन पदों पर नियुक्ति का अवसर मिलना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, इससे रिक्त पदों को भरने के साथ भर्ती प्रक्रिया में शामिल उम्मीदवारों को भी मौका मिल सकता है। उनका आरोप है कि लंबे समय से आंदोलन करने के बावजूद उनकी मांग पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

गर्दनीबाग में थाली पीटकर जताया विरोध

पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर सोमवार को अभ्यर्थियों ने थाली पीटकर अपना विरोध दर्ज कराया। खबर के अनुसार, प्रदर्शन में 5,000 से अधिक अभ्यर्थियों के जुटने का दावा किया गया है।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि रिक्त सीटों को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए और उनके भविष्य के संबंध में उचित निर्णय लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने पर आंदोलन और तेज किया जा सकता है।

दारोगा भर्ती का उदाहरण देकर उठाए सवाल

आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने बिहार पुलिस की दारोगा भर्ती प्रक्रिया का उदाहरण देते हुए समान नियम लागू करने की मांग की है। उनका सवाल है कि यदि दारोगा भर्ती में नियमानुसार रिक्त पदों को भरने का प्रावधान लागू किया जा सकता है, तो ड्राइवर भर्ती में भी इस मांग पर विचार क्यों नहीं किया जा रहा है।

हालांकि, रिक्त पदों पर नियुक्ति का फैसला संबंधित भर्ती नियमों और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय पर निर्भर करेगा।

पहले भी अलग तरीके से प्रदर्शन कर चुके हैं अभ्यर्थी

अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए अभ्यर्थी पहले भी अलग-अलग तरीकों से विरोध जता चुके हैं। खबर के मुताबिक, इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भगवान के रूप में प्रस्तुत कर अपनी मांगों की ओर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की थी।

अब थाली पीटकर प्रदर्शन के जरिए अभ्यर्थी सरकार और संबंधित अधिकारियों तक अपनी आवाज पहुंचाना चाहते हैं।

51 दिनों से जारी है आंदोलन

गर्दनीबाग में पिछले 51 दिनों से धरना दे रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे भर्ती में खाली रह गई सीटों को भरने को लेकर स्पष्ट निर्णय चाहते हैं। उनकी मांग है कि योग्य उम्मीदवारों को रिक्त पदों पर नियुक्ति का अवसर देने के प्रस्ताव पर नियमों के अनुसार विचार किया जाए।

फिलहाल, अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और संबंधित भर्ती प्राधिकारी रिक्त सीटों को लेकर क्या निर्णय लेते हैं।

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